बिजली के दामों में बढोतरी से खफा भाजपा का 25 जगहों पर प्रदर्शन

सूत्रों ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली के मालवीय नगर में दिल्ली इलेक्ट्रीसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन के दफ्तर के बाहर, मुख्यमंत्री आवास, एनजीएमसी, जंतर मंतर और करीब दो दर्जन जगहों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं साथ ही शीला सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा का कहना है कि देश में महंगाई रोज रोज बढ़ती जा रही है वहीं दिल्ली सरकार लोगों की जेबें खाली करने पर लगी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ता ने शीला सरकार पर निजी बिजली कंपनियों से मिलीभगत का भी आरोप लगाया और कहा कि कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ी क्योंकि सरकार और कंपनियों में साठगांठ है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में एक जुलाई से बिजली कीमतों में 24 फीसदी तक की बढ़ोतरी का फैसला किया गया है।
इस फैसले के बाद अब 200 यूनिट तक बिजली खर्च के लिए तीन रुपये के बजाए 3.70 पैसे प्रति यूनिट चुकाने होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली के इस्तेमाल पर कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, यानी आपसे पहले की तरह एक यूनिट के लिए 4.80 पैसे ही वसूले जाएंगे, लेकिन 400 यूनिट से ज्यादा बिजली पर अब ग्राहकों को 5.70 पैसे के बजाए 6.40 पैसे देने होंगे यानी 70 पैसे ज्यादा।
दिल्ली वासियों को सहने पडेंगे और झटके
दिल्ली वासियों को अभी और झटके सहने पड़ेंगे। दरअसल दिल्ली में बिजली की दर तय करने वाले आयोग डीईआरसी ने एक नया फरमान सुना दिया है। डीईआरसी के मुताबिक अगर बिजली कंपनियों को आने वाले दिनों में बिजली की खरीद महंगी पड़ी तो लोगों को और ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। यही नहीं बिजली की दरों का अब हर तीन महीने में मुआयना होगा।
मतलब ये कि अगर बिजली कंपनियों ने डीईआरसी को कहा कि उन्हें नुकसान हो रहा है तो बिजली की दरें बढ़ाई जा सकती हैं। बता दें कि दिल्ली में पिछले 10 महीने में बिजली की दरों में 60 फीसदी से भी ज्यादा का इजाफा हो चुका है और अब जो कुछ डीईआरसी कह रहा है उसका मतलब साफ साफ ये है कि दिल्ली वालों को जोर का जोर का झटका धीरे धीरे लगाया जाएगा।












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