गणित को आसान बनाने के लिए 10 शहरों की यात्रा

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कोलकाता। गणित विषय के बारे में सुझाव देने के लिए पंजाब के एक सेवानिवृत प्रोफेसर देश के दस शहरों के दौरे पर हैं। इस विषय को मुश्किल समझा जाता है जिसे छात्रों के बीच रोचक बनाने के लिए प्रोफेसर ऐसा कर रहे हैं। विभिन्न विश्वविद्यालय और कानपुर एवं भोपाल के संस्थाओं के छात्रों और शिक्षकों के साथ चर्चा करने के बाद 70 वर्षीय मदनलाल बलदेवराज घई अब 50 दिन की यात्रा पर कोलकाता में हैं।

घई ने बताया कि दोषपूर्ण शिक्षण के तरीके और छात्रों द्वारा गलत तीरका अपनाये जाने के कारण गणित अब कठिन विषयों में से एक बन कर रह गया है। जहां कहीं भी मैं गया हूं, मैने लोगों को बताया है कि कैसे विषय को समझना आसान है। सभी विज्ञान का आधार गणित छात्रों के बीच जटिल गणना के कारण मुश्किल रूप में देखा जाता है।

एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन एनजीओ चलाने वाले और धार्मिक पुस्तक लिखने वाले लेखक गणितज्ञ ने एक जून से छात्रों के वास्ते महत्वपूर्ण विषय को सरल, आसान और व्यवहारिक बनाने के लिए यात्रा का शुभारंभ किया है।कोलकाता के अलावा घई विशाखापतनम, रायपुर, सूरत, जयपुर, दिल्ली नोएडा और कुरूक्षेत्र भी जाएंगे ।

पटियाला में पंजाब विश्वविद्यालय से अब इस विषय में पीएचडी कर रहे घई कोलकाता में कुछ स्कूलों और कोलकाता विश्वविद्यालय के गणित विभाग में अपनी प्रस्तुति देंगे। जीवन भर गणित के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहने वाले घई ने सेवानिवृत होने से पहले पटियाला में पीएमएन कॉलेज के गणित विभाग प्रमुख के तौर पर 41 सालों तक अपनी सेवा दी हैं।

वर्ष 2010 में घई ने वैदिक गणित की महत्ता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए देश भर का दौरा किया था। महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुज की 125 वीं जयंती के उपलक्ष्य में उन्हें श्रद्धांजली देने के लिए केन्द्र सरकार ने 2012 को राष्ट्रीय गणितीय वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस विषय को लेकर छात्रों के बीच सक्रिय रहने वाले घई ने शिक्षाविदें को सलाह दी है कि व्यवहारिक गणित को पाठय्क्रम में शामिल किया जाना चाहिए।

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