डिंपल यादव को मिला संसद का सर्टिफिकेट

छिटपुट घटनाओं के बीच प्रदेश में मथुरा जिले की मांट विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। यहां 61.25 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह कुछ मतदान केन्द्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी आ गयी जिससे चुनाव थोड़ी देर के लिए प्रभावित हुआ।
मांट क्षेत्र का उपचुनाव राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री चौधरी अजित सिंह और उनके सांसद पुत्र जयन्त चौधरी के लिये किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। मांट सीट जयन्त चौधरी के इस्तीफे से रिक्त हुई थी। मांट विधान सभा क्षेत्र में यूं तो कुल 14 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं लेकिन मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय लोकदल के योगेश चौधरी, तृणमूल कांग्रेस के श्याम सुन्दर शर्मा और सपा के संजय के बीच माना जा रहा है। इस सीट पर भाजपा और बसपा ने अपना उ मीदवार नही उतारा और कांग्रेस ने रालोद का समर्थन किया।
छह बार विधायक रहे श्याम सुन्दर शर्मा ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस से प्रत्याशी हैं। विधानसभा के पिछले चुनाव में वह रालोद के जयन्त चौधरी से हार गये थे। मांट क्षेत्र जाट और ब्राह्मण बहुल माना जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण ङ्क्षसह के समय से ही उनके सजातीय जाट मत आमतौर पर रालोद के ही समर्थन में रहे हैं। इस चुनाव में भी उसका वोट रालोद के पक्ष में ही जाने की उ मीद है।
सपा मुस्लिम, क्षत्रिय और यादव मतों के सहारे रालोद से यह सीट छीनने का प्रयास कर रही थी। सपा उम्मीदवार को फिल्म अभिनेत्री महिमा चौधरी ने भी जिताने की अपील की थी। महिमा ने पिछले चुनाव में श्याम सुन्दर शर्मा के लिये प्रचार किया था। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला चुनाव हो रहा है इसलिये यह चुनाव उनके लिये किसी परीक्षा से कम नहीं है।












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