राहुल के पडोसी नहीं होंगे सचिन, किया सरकारी बंगले से इंकार

sachin tendulkar
दिल्‍ली। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने देश के नेताओं को सबक देते हुए राज्यसभा सदस्य के तौर पर मिले सरकारी बंगले में रहने से इनकार कर दिया है। सचिन का मानना है कि उनका सरकारी बंगले में रहना करदाताओं के पैसे की बर्बादी होगी। इस विषय और अपने बंगले पर तर्क देते हुए तेंदुलकर ने कहा कि मैं किसी सरकारी बंगले में नहीं रहना चाहता। मैं सिर्फ कुछ दिन के लिये ही दिल्ली में रहने वाला हूँ।

साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि उन्हें लगता है कि उनके ऐसा करने से यह सरकारी पैसे की बर्बादी होगी। आगे बताते हुए सचिन ने कहा है कि इससे अच्छा होगा कि यह बंगला उसे दिया जाये जिसे वाकई इसकी जरूरत हो। तेंदुलकर ने सोमवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। उन्होंने कहा कि वह जब भी दिल्ली में होंगे तो होटल में रहेंगे।

उन्होंने कहा कि मेरे लिये राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत होना इससे मिलने वाले विशेषाधिकारों और फायदों से ज्यादा सम्मान की बात है।उन्होंने लंदन रवाना होने से पहले एक चैनल से बातचीत में कहा कि सरकारी बंगला नहीं लेने से राज्यसभा सदस्य के रूप में मेरी जिम्मेदारियों पर असर नहीं पड़ेगा। मैं हर सत्र में कुछ दिन संसद जाउंगा।

गौरतलब हो की गत सोमवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले तेंदुलकर को पांच तुगलक लेन बंगला आवंटित किया गया था। यह बंगला सातवीं श्रेणी का है जो आमतौर पर कैबिनेट मंत्रियों को दिया जाता है। लुटियंस जोन में स्थित यह बंगला राहुल गांधी के बंगले के बगल में स्थित है जो 12 तुगलक लेन में रहते हैं। तेंदुलकर को आवंटित बंगला सात हजार वर्ग फुट में फैला हुआ है और इसमें बड़े बेडरुम और बड़ा बगीचा है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चूंकि तेंदुलकर जेड प्लस सुरक्षा के हकदार हैं इसलिए उनके घर की सुरक्षा सुरक्षाकर्मियों का एक दल करेगा। जब वह राजधानी में होंगे उन्हें दो एस्कार्ट वाहन भी उपलब्ध कराये जाएंगे।

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