संजय जोशी का भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा

राजनीतिक पखवाड़े में ऐसी चर्चा है कि मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें पार्टी से निकलवाने में आज सफल हो गए। जोशी को पार्टी से बाहर निकाले जाने को मोदी की बड़ी जीत माना जा रहा है। इसके बाद से संघ और भाजपा के मुखपत्रों में मोदी के खिलाफ और हिमायत दोनों में लेख छप रहे हैं।
भाजपा के मुखपत्र कमल संदेश और संघ के मुखपत्र पांचजन्य में जहां मोदी के रवैये की आलोचना की गई वहीं संघ के अंग्रेजी वाले मुखपत्र आर्गेनाइज़र में मोदी का पक्ष लिया गया। मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ और दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय तथा अहमदाबाद में मोदी की आलोचना और जोशी के समर्थन वाले पोस्टर निकले।
सूत्रों ने बताया कि जोशी अब भाजपा की जिम्मेदारियां छोड़ कर संघ के लिए काम करेंगे। इस्तीफा देने से पहले तक जोशी भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों का काम देख रहे थे। संजय जोशी से पहले उत्तर प्रदेश का प्रभार वापस लिय गया था, लेकिन बाद में जोशी को भाजपा से ही इस्तीफा देना पड़ा। उत्तर प्रदेश के चुनावों से पूर्व उन्हें राज्य संगठन की जिम्मेदारी सौपी गयी थी।
पिछले दिनों अहमदाबाद के साथ ही दिल्ली में भी जोशी के समर्थकों ने मोदी विरोधी पोस्टर लगाए, लेकिन जोशी ने इस मामले से पूरी तरह पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि उन्हें इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे संजय जोश पेशे से मेकेनिकल इंजीनियर भी रहे है। सन 2005 में सीडी कांड में आपत्तिजनक अवस्था में पाये जाने के कारण उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।












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