मुस्लिम कोटा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

हालांकि तात्कालिक मामला आईआईटी में दाखिले से जुड़ा हुआ है। वैसे सलमान खुर्शीद ने गुरुवार को राज्यों के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रियों के सम्मेलन में अल्पसंख्यक आरक्षण को लेकर जुलाई के पहले हफ्ते में सुप्रीम कोर्ट जाने व सुनवाई होने की उम्मीद जताई थी। बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सरकार जुलाई का इंतजार नहीं करेगी कुछ ही दिनों में हम इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। हालांकि अभी गर्मी की छुट्टी चल रही है इसलिए जितना जल्दी संभव होगा सरकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर देगी। वहीं एक अन्य सूत्र ने बताया कि सरकार अल्पसंख्यकों को मुद्दे पर कोई कोताही नहीं करना चाहती लिहाजा सरकार सोमवार को ही, या अगले हफ्ते के शुरुआत में किसी भी दिन सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर सकती है।
उधर, सरकार ने अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए एक और कोशिश की है। उसने देश भर में फैली लाखों हजार करोड़ की वक्फ संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को भी हरी झंडी देने जा रही है। संसद के अगले सत्र में वक्फ कानून में संशोधन को हरी झंडी मिली तो वक्फ संपत्तियों पर होटल, मॉल व दूसरे व्यावसायिक कारोबार आसानी से हो सकेंगे। जमीन का पट्टा 30 साल के लिए होगा। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने वक्फ कानून में संशोधन को लेकर राज्यों को केंद्र पर संदेह न करने की भी सलाह दी है। वक्फ संपत्तियों से बेहतर आमदनी और मुस्लिम जरूरतमंदों में उसके उपयोग के मद्देनजर सरकार वक्फ संपत्तियों को 30 साल के पट्टे पर वसायिक उपयोग को देने के पक्ष में है। जबकि, पूर्व में वक्फ संपत्तियों पर सिर्फ अस्पताल और स्कूल बनाने की ही छूट दी गयी थी।












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