रामदेव के सुझाव तथ्यात्मक हैं : पवार

पवार और रामदेव के बीच मंगलवार को चली बैठक के दौरान कालेधन को वापस लाने के उपायों पर दोनों के बीच बातचीत हुई। ज्ञात हो की कालेधन के मुद्दे पर इससे पहले रामदेव भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से भी मुलाकात कर चुके हैं जहाँ नितिन गडकरी द्वारा बाबा को आश्वस्त कराया गया था की एनडीए जल्द ही इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम उठाएगा।
इस मुलाकात के बाद कृषि मंत्री पवार ने संवाददाताओं से कहा, "बाबा रामदेव ने कुछ ख़ास सुझाव दिए, मसलन ऐसे टैक्स क़ानून बनाए जाएँ जिससे किसी व्यक्ति को अपनी संपत्ति छिपानी न पड़े। साथ ही बाबा द्वारा ये भी कहा गया कि इस तरह के धन का इस्तेमाल देश के अनेक विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है। "
गौरतलब है कि यूपीए का नेतृत्व कर रही कांग्रेस के नेता बाबा रामदेव पर आरोप लगाते रहे हैं कि वे भाजपा का समर्थन करते हैं लेकिन यूपीए के एक अहम घटक दल के नेता शरद पवार का कुछ अलग ही मत है उन्होंने कहा है कि उन्हें रामदेव के अभियान में किसी भी प्रकार कि कोई राजनीति नज़र नहीं आती और उनके अभियान का असल मकसद जन कल्याण है|
रामदेव ने घोषणा की है कि वह इस मसले पर सभी दलों के नेताओं से मिलेंगे। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, माकपा के महासचिव प्रकाश करात से लेकर अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता और सपा के मुखिया मुलायम सिंह यादव तक शामिल हैं। आपको बता दें कि इसके अलावा रामदेव ने कर कानूनों में बदलाव संबंधी कुछ सुझाव भीदिए हैं। गौरतलब है कि पवार का भी नाम उन 15 केंद्रीय मंत्रियों में शुमार है जिनके खिलाफ टीम अन्ना ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
पवार से हुई अपनी मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में बाबा रामदेव ने इस मुद्दे को समर्थन देने के लिए पवार को धन्यवाद दिया। जबकि पवार ने कहा इस मुलाकात में कोई राजनीति नहीं थी। वह कई नेताओं से मिलेंगे, उसी क्रम में उन्होंने बाबा से मुलाकात की। बाबा ने इस मौके पर कहा कि मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दे का समर्थन करने के लिए मैं पवार साहब को धन्यवाद देता हूं। यह संप्रग या राजग का मसला नहीं बल्कि हम सब और हमारे देश का मामला है।












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