सिम्बल में है वास्तुदोष इसलिए लुढ़क रहा है रुपया : एक्सपर्ट

खैर ये सब बातें एक आम आदमी के लिए समझना जरा मुश्किल है। उसे केवल यही समझ में आता है कि आज रुपया मजबूत है या फिर आज रुपया कुछ कमजोर पड़ रहा है। अब भारतीय रूपये की इस तंगहाली पर हर आदमी अपना तर्क दे रहा है।
इसी एक मद्देनजर गुवाहाटी के एक वास्तु एक्सपर्ट राजकुमार झंझरी ने रूपये ही खस्ताहाली पर अपना एक अलग ही तर्क रखा है। उन्होंने रूपये की गिरावट का कारण वास्तु को माना है। एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार की माने तो वास्तु एक्सपर्ट राजकुमार झंझरी के मुताबिक रूपये की वर्तमान डिजाइन में दोष है उन्होंने कहा है की भारतीय रूपये के प्रतीक चिन्ह में दोष है।
आपको बताते चलें की गुवाहाटी के ही रहने वाले व पेशे से आईआईटी गुवाहाटी में इंजीनियर धर्मालिंगम उदय कुमार ने 2010 में रूपये के आधुनिक डिजाइन को बनाया था। जिसे भारत सरकार द्वारा स्वीकारे जाने के बाद 10 , 100 , 500 और हजार के नोट में इस्तेमाल किया गया था।
भारतीय रूपये के बारे में जानकारी देते हुए वास्तु एक्सपर्ट झंझरी ने कहा वर्तमान भारतीय रूपये के प्रतीक चिन्ह में देवनागरी और लैटिन शब्द आर का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें आर अक्षर ऊर्ध्वाधर बार चिन्ह के शीर्ष पर दो समानांतर लाइनें तिरंगे का प्रतिनिधित्व करती हैं। ये देश की आर्थिक समानता को कम करने की इच्छा का प्रतीक है।
साथ ही झंझरी ने ये भी कहा की आज रुपया डॉलर के मुकाबले 27 प्रतिशत गिर चुका है। जिसके पीछे यही कारण है। इस सम्बंध में झंझरी ने प्रधान मंत्री को एक पत्र लिखकर उन्हें वर्तमान अवस्था से अवगत कराया था। जहां उन्होंने पत्र की एक प्रतिलिपि वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक को भी भेजी थी।
झंझरी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है की अगर रूपये के वर्तमान प्रतीक चिन्ह को नहीं बदला गया तो स्तिथि इससे भी ज्यादा खराब हो सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर केंद्र सरकार वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक चाहे तो उनके द्वारा इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।












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