पीएम इमोशनल, संतोष हेगड़े टीम अन्ना से खफा

उधर, प्रधानमंत्री के ऊपर टीम अन्ना द्वारा लगाए गए आरोपों से जस्टिस संतोष हेगड़े ने भी अपने को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री और कुछ अन्य मंत्रियों के बारे में टीम अन्ना की ओर से पिछले दिनों जो आरोप लगाए गए हैं, वह उसमें भागीदार नहीं हैं। इस फैसले से सहमत नहीं होने के बावजूद अगर चुप रहा तो माना जाएगा कि मैं भी इससे सहमत हूं। हालांकि हेगड़े ने इस बात से इन्कार किया कि वह टीम अन्ना से खुद को अलग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में शामिल हैं।
टीम अन्ना के बातों से आहत मनमोहन ने कहा कि अब अवाम फैसला करे कि आखिर प्रधानमंत्री का कसूर क्या है जो उनके खिलाफ ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। अब इसका फैसला जनता करे कि क्या इस तरह की राजनीति देश में होनी चाहिए?
टीम अन्ना ने बीते दिनों पीएम सहित 15 कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की चार्जशीट जारी की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वित्त मंत्री, नेता विपक्ष से लेकर प्रधानमंत्री पद तक उनका जीवन खुली किताब की तरह है। कोई अगर इल्जाम लगाता है तो उसे साबित भी करे। म्यांमार के दौरे से वतन वापसी के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अकारण इस तरह की भाषा का इस्तेमाल ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा, तथ्यों की पड़ताल बिना बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी के दौरान कोल ब्लॉक आवंटन में गड़बडि़यों के बारे में टीम अन्ना के आरोपों पर कहा, कोयला मंत्रालय ने इसका जवाब दे दिया है। कोयला ब्लॉक आवंटन में कैग की ड्राफ्ट रिपोर्ट के आधार पर लगे आरोपों पर बोले कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद सरकार लोक लेखा समिति के समक्ष अपना जवाब देगी।












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