जल्द ही हरियाणा में खुलेगा एम्स-2

All India Medical Science Institute (AIIMS)
चंडीगढ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद बुधवार को गांव बाढ़सा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान - दो (एम्स-दो) में आऊटरीच आऊट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओओपीडी) की आधारशिला रखेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के होने से हरियाणा के नाम एक अन्य उपलब्धि भी जुड़ जाएगी। दिल्ली के एम्स की तुलना में बाढ़सा जिला झज्जर के एम्स की क्षमता अधिक होगी। इस एम्स के स्थापित होने से हरियाणा को दुनिया भर में नई पहचान मिलेगी।

दुनिया भर में चिकित्सा विज्ञान की प्रतिष्ठित समझे जाने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) के विस्तार यानि एम्स टू को हरियाणा के लिए बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना समझा जा रहा है। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस संस्थान को हरियाणा के लिए बड़ी परियोजना बताते हुए कहा कि करीब तीन सौ एकड़ में फैले एम्स-दो परिसर के पहले चरण में ओओपीडी सेवा आरंभ होगी।

अनुमान है कि यह सेवा आरंभ होने से प्रतिदिन एक हजार मरीजों को प्रतिदिन स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। एक हजार करोड़ रुपए की परियोजना एम्स-दो के परिसर में 4500 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाली ओओपीडी में सामान्य चिकित्सा, और्थोपेडिक्स, ओब्सट्रीक्स, गायनाक्लोजी, बाल चिकित्सा, ईएनटी, सिचेटरी, ड्रमाटोलोजी, डाइटीशियन, सामान्य सर्जरी के अलावा रोग निदान सुविधाएं, टीकाकरण और प्रयोगशालाओं जैसी उन्नत एवं विकसित सुविधाएं भी होंगी। इस ओओपीडी सेवा के आरंभ होने झज्जर व आस-पास के ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को फायदा मिलेगा, साथ ही राजधानी दिल्ली में स्थित एम्स में भी मरीजों की भीड़-भाड़ कम हो सकेगी।

केएमपी एक्सप्रेस वे से सटा होने के कारण दिल्ली के एम्स की तुलना में बाढ़सा के एम्स दो की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को दिल्ली के जाम से भी निजात मिल सकेगी। साइबर सिटी गुडग़ांव से दिल्ली के एम्स की दूरी 28 किलोमीटर है, जबकि बाढ़सा एम्स से गुडग़ांव महज 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है, कि देश के उत्तरी हिस्सों से आने वाले जरुरतमंद लोगों के लिए यह संस्थान बेहद कारगर साबित होगा। इस इलाके में न केवल एम्स-दो बल्कि देश के दूसरे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों ने भी बाढ़सा के लिए दिलचस्पी दिखाई है। आपको बता दें हरियाणा में पंडित भगवत दयाल मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी ही एकमात्र स्तरीय चिकित्सा संस्थान है। एम्स-दो से हरियाणा को देश भर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में नई पहचान मिल सकेगी।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ(एनआईएमएच) और देश के पहले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक केयर जैसे संस्थान बाढ़सा में प्रस्तावित एम्स-दो परिसर में आने के लिए रूचि दिखा चुके हैं। वहीं नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट तथा सेंटर फॉर गेरिएट्रिक्स जैसे सुपर स्पेशलियटी संस्थान भी इसी परिसर में खुलेंगे। मौजूदा पंचवर्षीय योजना के दौरान एम्स में ओओपीडी सेवा के अलावा सुपर स्पेशलियटी मेडिकल सेवा युक्त 500 बिस्तरों का अस्पताल तथा रिसर्च सेंटर भी खोला जाएगा। एम्स-दो में दिल्ली के एम्स की तुलना में कहीं बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होंगी। जिससे देश के चिकित्सा मानचित्र पर झज्जर तेजी से उभरता केंद्र बन सकेगा।

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