अमेरिका ने पहले पाकिस्तान को दुत्कारा फिर पुचकारा

आपूर्ति मार्ग पर करार न हो पाने के कारण बराक ओबामा ने जरदारी को समय देने से मना कर दिया था। उसके बाद अमेरिका ने थोड़ी से नरमी दिखाई। यह पाकिस्तान के लिए जोरदार झटका है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति काफी उम्मीदों के साथ शिकागो पहुंचे थे, लेकिन ओबामा ने उन्हें लिफ्ट न देकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
सम्मेलन के समाप्त होने के बाद ओबामा ने बताया कि अफगानिस्ताना जाने वाले आपूर्ति मार्ग को खोलने के काम प्रगति पर है। ओबामा ने पत्रकारों से बताया कि उनकी और जरदारी की मुलाकात बहुत थोडे समय के लिए हो पायी, क्योंकि नाटो सम्मेलन में दोंनो व्यस्त थे। ऐसा भी बताया जा रहा है कि ओबामा ने जरदारी को पूरी तरह से दरकिनार किया।
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी नाटों शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शिकागो में है। जरदारी नाटों द्वारा किये गये देश में हमले और इससे देश की अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान के लिए नाटों से एक अरब डॉलर का हर्जाना मांग सकते है। 'जियो न्यूज' के मुताबित राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा कि जरदारी शिकागो में नाटों सम्मेलन के दौरान अपनी मांग रखेंगे।
नाटो आपूर्ति मार्ग को दोबारा खोलने पर चर्चा की उम्मीद है, लेकिन दोनों पक्षों में इतना टकराव है कि समाधान में अभी वक्त लग सकता है। अमेरिका ने कहा कि पाक नाटों सप्लाई के मार्ग को बहाल करने के लिए ऊंची कीमत मांग रहा है। पाकिस्तान की तरफ से ऐसा कहा जा रहा है कि अनुदान के जरिये सहयोग मिलना उनका अधिकार है।












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