बच्चों संग यौन शोषण करने वाले हो जाएं सावधान!

इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किये गये है जिससे इस तरह के अपराधों को रोका जा सकेगा। इस विधेयक में छह तरह के यौन उत्पीडन को कडी सजा के प्रावधान में रखा गया है। विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान महिला एंव बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा कि इस विधेयक के दायरे में 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों को रखा गया है।
इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किये गये है जिससे ऐसा लगता है कि सरकार वाकई गंभीर है। पोर्न फिल्मों में बच्चों के इस्तेमाल को भी इस विधेयक के तहत रखा गया है। पुलिस की कार्रवाई को भी इस विधेयक में महत्वपूर्ण भूमिका में रखा गया है। इस विधेयक में भारतीय दंड संहिता से कही ज्यादा कडे प्रावधान किये गये है।
इस अंतर्गत होने वाले मामले को पुलिस को 30 दिन के अंदर दर्ज करना होगा, और उसका फैसला एक साल के अंदर होगा। अगर किसी पुलिस अधिकारी के द्वारा लैंगिक अपराध के मामले को दर्ज करने में लापहरवाही बरती जाती है तो उसके लिए भी कार्रवाई का विशेष प्रावधान विधेयक में किया गया है। इसमें यौन अपराध और पोर्न (अश्लील) फिल्मों में उनके उपयोग से उनके संरक्षण का प्रावधान किया गया है।












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