अब भीमराव अम्बेडकर पार्क में भी खुला घोटाला

डीआईजी आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि पार्को व स्माकरों में हुई घोटालेबाजी की जांच में यक एक और कड़ी है। उन्होंने कहा कि वाराणसी स्थित समय इण्टरप्राइजेज के मालिक पद्मनाभम मंगलम कुमार सिंह ने शिकायत की कि गोमतीनगर स्थित भीमराव अम्बेडकर पार्क के लिए उनको जनवरी वर्ष 2010 में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन से मिट्टी पटायी का काम मिला था। उक्त काम समय इण्टरप्राइजेज को बिना किसी अनुबंध और वर्क आर्डर के ही जारी किया गया।
अर्थ वर्क का काम करीब 69 लाख रुपये का था। पद्मनाभम ने बताया कि 20792541 घन मीटर अर्थ वर्क का काम 285 घनमीटर रुपये के हिसाब से और 3368 घनमीटर अर्थ वर्क 290 प्रति घनमीटर के दर से देने की बात तय हुई। 19 जनवरी से काम शुरु हुआ और मार्च के अंत तक समय इण्टरप्राइजेज ने अपना काम पूरा कर लिया। बीच-बीच में यूपी-प्रोजेक्ट कारपोरेशन ने कम्पनी को भुगतान किया।
काम खत्म होने पर कम्पनी का करीब 69 लाख का भुगतान बना। यूपी प्रोजेक्ट कारेपोरेशन से कम्पनी को महज 43,68,551 रुपये की रकम मिली, शेष रुपये 25,34,043 का भुगतान नहीं किया गया।
समय इण्टरप्राइजेज के मालिक पद्मनाभन मंगलम ने जब इस बारे में प्रोजेक्टर मैनेजर के.एस. पाण्डेय से बातचीत की तो उसको पता चला कि बकाया रकम अधिकारियों ने फर्जी ढंग से किसी दूसरी फर्म के नाम निकला कर हड़प लिया है। क पनी के मालिक ने जब भुगतान प्रोजेक्ट मैनेजर से मांगा तो उन्होंने उसको धमकी दी और ठेकेदारी का लाइसेंस भी रद्दा कराने की बात कही।
कंपनी मालिक पद्मनाभन ने जब सहायक अभियंता ए.के. महेश्वरी, जूनियर अभियंता अशोक सिंह और अवर अभियंता अनिल कुमार वर्मा से भुगतान व काम नपायी की बात रखी तो सभी अधिकारियों ने भुगतान बिना प्रोजेक्टर मैनेजर की इज्जत के न करने की बात कही। कंपनी मालिक ने जब अधिकारियों को नाप और भुगतान के लिए जोर डाला तो उन लोगों ने भी उसको धमकी दी।
लाखों की इस हेराफेरी के मामले में समय इण्टरप्राइजेज के मालिक पद्मनाभम मंगलम कुमार सिंह ने हजरतगंज कोतवाली में यूपी प्रोजेक्ट मैनेजर के.एस.पाण्डेय सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करायी है। डीआईजी आशुतोष पाण्डेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।












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