सुषमा ने विधायकों को दिए सफलता के गुरुमंत्र

राज्य विधानसभा के लिये पहली बार निर्वाचित विधायकों को सदन की परम्पराओं तथा विधायी कार्यो की जानकारी देने के लिये आयोजित दो दिवसीय 'प्रबोधन कार्यक्रम' के पहले दिन विशेष तौर पर दिल्ली से आयीं श्रीमती स्वराज ने सदस्यों को लोकप्रिय विधायक बनने के गुर सिखाये। उन्होंने बताया कि विधायकों को जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत रखनी होगी तथा जनता की मदद को हमेशा तत्पर रहना होगा।
उन्होंने विधायकों को लोकप्रियता के चार प्रमुख आयामों से रूबरू कराया। इनमें विधायक की अपने क्षेत्र में उपलब्धता, क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका, विधानसभा सदन में प्रभावी भूमिका तथा व्यक्तिगत आचरण की शुचिता शामिल है। उन्होंने कहा कि जो भी विधायक उपरोक्त बातों का ध्यान रखेगा तथा इसके अनुसार कार्य करेगा उसे जनता के दिल से कोई बाहर नहीं कर सकेगा। भाजपा नेता ने कहा कि इन चारों मानकों पर खरा उतरकर कोई भी विधायक अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हो सकता है।
सुषमा स्वराज ने कहा कि सुचारु और निश्चित समय प्रबंधन के जरिये विधायक क्षेत्र में अपनी उपलब्धता सुनिश्चित करा सकते हैं। अगर क्षेत्र की अनदेखी करेंगे तो लोकप्रिय नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक जनता के बीच जाते रहें तथा उनकी समस्याओं को विधानसभा में उठाया जाए तथा इस बात के प्रयास किए जाएं कि उनके क्षेत्र की जनता की समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द हो। पहली बार निर्वाचित विधायकों की पाठशाला में दूसरा मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिये और कम से कम एक ऐसा काम जरूर करवाना चाहिये जिससे जनता उन्हें हमेशा याद रखे।












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