आध्यात्मिक गुरु बाबा जयगुरुदेव का निधन

बाबा जयगुरूदेव के शरीर छोड़ देने की खबर ने बाबा के शिष्यों में गहन मायूसी छा गई। बाबा के अन्तिम दर्शन करने के लिए लोगों का मथुरा स्थित आश्रम पर पहुचना शुरू हो गया है। आश्रम के सूत्रों के अनुसार बाबा का स्वास्थ्य चार पांच दिन से खराब था। उन्हें गुडग़ांव स्थित मेदान्ता अस्पताल में रखा गया था जहां बाबा की हालत में कोई सुधार नही हो रहा था वहीं बाबा ने अपने अनुयाइयों से कहा कि मुझे आश्रम ले चल बृहस्पतिवार को रात्रि 3 बजे बाबा को मथुरा स्थित आश्रम लाया गया था जहां बाबा की स्थिति नाजुक बनी हुई थी।
गुरु के महत्व को सही रुप में परिभाषित करने वाले बाबा जय गुरुदेव भी इसी नाम से प्रसिद्ध हो गए। बहुत कम ही लोग जानते थे कि उनका वास्तविक नाम तुलसीदास है। बाबा जयगुरुदेव का कहना था कि हर मर्ज की दवा है, हर समस्या का हल है। बस गुरु की शरण में चले आओ। वह हमेशा शाकाहार पर जोर देते रहे।
उनका कहना था कि शाकाहार आपकी उम्र बढ़ा सकता है। शायद यही वजह रही हो उनके सुदीर्घ जीवन की। उनकी आयु के बारे में भक्तों का अनुमान है कि 110 से ज्यादा वर्षों तक वह जीवित रहे। उनका कहना था कि यदि महामारियों से बचना है तो शाकाहार को अपनाना होगा। वहीं नशा के भी वह प्रबल विरोधी थे।
वह अपने भक्तों को इससे दूर रहने की सलाह देते थे। वैसे तो वह देश भर में प्रसिद्घ थे लेकिन यूपी के मथुरा जिला ही उनका मूल निवास था। समाज को सुधारने का संकल्प लेकर जय गुरु देव धर्म प्रचारक संस्था एवं जय गुरु देव धर्म प्रचारक ट्रस्ट चलाते थे, जिनके तहत तमाम लोक कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। भूमि जोतक, खेतिहर-काश्तकार संगठन की स्थापना भी उन्हीं की देन है।












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