सीबीआई रेड जारी, कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं येदियुरप्पा

सीबीआई की छापेमारी
सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों पर अवैध खनन में जांच शुरू करते हुए येदियुरप्पा तथा उनके परिवार के सदस्यों के आवासीय परिसरों एवं दो खनन कंपनियों पर छापे मारे। प्राथमिकी दर्ज करने के एक दिन बाद सीबीआई अधिकारियों ने येदियुरप्पा, उनके बेटे बीवाई राघवेंद्र (लोकसभा सदस्य) और बीवाई विजयेंद्र तथा दामाद सोहन कुमार के बेंगलूर तथा शिमोगा जिलों में स्थित आठ परिसरों पर छापे मारे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने बेल्लारी स्थित जेएसडब्ल्यू स्टील तथा साउथ वेस्ट माइनिंग कंपनी लिमिटेड के कार्यालयों पर भी छापे मारे। इसके अलावा एक खनन पट्टाधारक के घर पर भी छापेमारी की गई। सूत्रों ने बताया कि छापेमारी सुबह सवा छह बजे शुरू की गई और यह पूरे दिन जारी रहेगी।
संकटो से घीरे येदियुरप्पा
सीबीआई की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब येदियुरप्पा को भाजपा के भीतर संकट का सामना करना पड़ रहा है और उनके समर्थक कुछ मंत्रियों और विधायकों ने डी वी सदानंद गौड़ा के खिलाफ विद्रोह करते हुए नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी। दक्षिण भारत में भाजपा की पहली सरकार को इस घटनाक्रम के कारण संकट की स्थिति का सामना करना पड़ा।
हालांकि येदियुरप्पा ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय किया था, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली एवं अन्य के सुझावों को मानते हुए इस निर्णय को टाल दिया है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि बेल्लारी जिले में दो खनन कंपनियों के कार्यालयों पर भी छापा मारा गया है।
येदियुरप्पा पर लगा आरोप
येदियुरप्पा पर आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार द्वारा संचालित एक धर्मार्थ ट्रस्ट को दान दिए जाने के बदले दो कपंनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया। उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने जिस खनन कंपनी का पक्ष लिया था, उसने इसके बदले में उनके पारिवारिक सदस्यों द्वारा संचालित प्रेरणा ट्रस्ट को बड़ी मात्रा में अनुदान दिया था।












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