'गे' के आधे सच पर आमिर ने बोला 'सत्यमेव जयते'

दो शो, एक शख्स लेकिन बातें अलग-अलग। यहां किसी भी टीवी चैनल की टीआरपी पर या फिर उनके द्वारा भोली-भाली जनता को बेवकूफ बनाने जैसी बातों पर चर्चा करना हमारा मकसद नहीं हैं। हम बस एक सवाल उठा रहे हैं कि आमिर खान के शो 'सत्यमेव जयते' में बचपन में यौन शोषण के शिकार हुए हरीश अय्यर के जीवन के बारे में पूरा सच क्यूं नहीं बताया गया?
खैर अब सत्यमेव जयते में हरीश्ा के बारे में जो सच्चाई नहीं बताई गई उसके बारे में हम आपको बताते हैं। बीते रविवार को आमिर खान के शो सत्यमेव जयते में बाल यौन शोषण जैसे गंभीर मुद्दे को उठाया गया। इस शो में सिंड्रेला प्रकाश नामक एक युवती ने अपने साथ हुए बाल यौन शोषण कर दास्तां सुनाई। आमिर ने कहा कि सिर्फ लड़कियां ही नहीं लड़के भी इस घिनौनी घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। आमिर ने मुंबई के एक हरीश अय्यर नाम युवक को इंट्रोड्यूस किया और सारी कहानी सुनी।
शो के दौरान हरीश ने बताया कि उसके साथ 11 साल तक बलात्कार हुआ। मगर अब आपको एक ऐसी सच्चाई के बारे में बता दें जिसे जानने के बाद आप भौचक्के रह जायेंगे। दरअसल हरीश गे एक्टिविस्ट हैं और पब्लिक प्लेटफॉर्म्स पर गे राइट्स के लिए आवाज उठाते रहते हैं। बीते 29 अप्रैल को हरीश आईबीएन 7 के चर्चित शो 'जिंदगी लाइव' में अपनी मां के साथ आये थे और खुद को गे बताया था। हरीश ने कहा था कि मुझे गर्व है कि "मै समलैँगिक हूं" और इस फैसले में मेरे परिवार वाले भी साथ हैं।
हरीश ने 'जिंदगी लाइव' में बताया कि सात साल की उम्र में एक बार एक रिश्तेदार ने उनका यौन शोषण किया था। उसके बाद से ही उन्हें होमोसेक्सुएलिटी का एहसास होना शुरु हो गया था। वह मानते हैं कि ऐसी प्रवृति उनके अंदर उसी शोषण के कारण आई। एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा था कि समलैंगिक होने के चलते अपोजिट सेक्स के साथ उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा।
खास बात तो यह है कि हरीश के जीवन से प्रेरित अब तक दो फिल्में (आमेन और आई एम अभिमन्यु) बन चुकी हैं। हरीश ने उस शो में यह भी कहा था कि वह एक व्यक्ति से प्यार करते हैं और उसके साथ जिंदगी बिताना चाहते हैं। हरीश को कई गे पार्टियों में भी देखा गया है। अब सवाल यह उठता है कि आमिर के शो 'सत्यमेव जयते' में हरीश ने अपने जीवन के इस पहलू के बारे में क्यूं नहीं बताया? वह अपने जीवन की यह जानकारियां छुपाना चाहते थे या आमिर ने यह निर्णय जानबूझकर लिया था? क्या आमिर ने यह सोच कर इस पहलू पर प्रकाश नहीं डाला कि दर्शक पूरा सच स्वीकार नहीं करेंगे?
अब इसे टीआरपी की भूख या फिर शातिरनामा कहना उचित होगा या नहीं यह आपके उपर है। आप नीचे दिये गये कमेंट बाक्स में अपनी प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करायें क्योंकि सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए... मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए। "सत्यमेव जयते"।












Click it and Unblock the Notifications