सीएमओ हत्याकांड: पूर्व मंत्री अनंत मिश्रा सीबीआई की हिरासत में

ज्ञात हो कि पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाह पहले से ही जेल में हैं। पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला व पूर्व सीएमओ डा. एके शुक्ला की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।
पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विनोद आर्य हत्याकाण्ड में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र से पूछताछ में सीबीआई को कई बातों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। सीबीआई ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के टेलीफोन के कुछ कॉल डिटेल रिकार्ड उनके समक्ष रखे और उनसे डा. एकेशुक्ला और परिवार कल्याण विभाग के पूर्व उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वाईएस सचान से हुई बातचीत का ब्योरा जानना चाहा।
उनका सामना हत्याकांड में गिरफ्तार हो चुके डा.एके शुक्ला और आरके वर्मा से भी कराया गया। जांच टीम ने आज भी गिरफ्तार दोनों लोगों को मिश्र के सामने किया और उनके सम्बन्धों के बारे में पूछताछ की।
गौरतलब है कि डा. आर्य की हत्या की साजिश के आरोप में गत सात मई को गिरफ्तार किये गए लखनऊ के पूर्व सीएमओ डा. एके शुक्ला से दो दिनों की रिमांड में हुई पूछताछ के बाद श्री मिश्र को हिरासत में लिया गया था। दस घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें रिहा किया गया था। जांच टीम ने श्री मिश्र को आज फिर हिरासत में ले लिया।
श्री मिश्र पर आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में परिवार कल्याण का महत्वपूर्ण पद छिन जाने के बाद हत्या की साजिश रची गयी। यह माना जा रहा है कि सीबीआई श्री मिश्र को आज गिरफ्तार कर सकती है। सीबीआई ने बहुजन समाज पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री को हत्या की साजिश में शामिल होने के बारे में जुटाये सबूत भी दिखाये। एनआरएचएम घोटाले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी दो दिन पहले हुई है।
प्रदीप शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद पूर्व स्वास्थ्य मंत्री को आज फिर हिरासत में लिये जाने से यहां राजनीतिक हलकों में हडकंप मच गया है। एनआरएचएम घोटाले में पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबू ङ्क्षसह कुशवाहा और बसपा के पूर्व विधायक रामप्रसाद जायसवाल समेत कई अधिकारी जेल में बंद हैं। जांच एजेंसी ने डा. विनोद आर्य की हत्या से जुड़े कई सवालों को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री से आज फिर पूछा। इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने कहा था कि दोनों सीएमओ की हत्या में एक ही तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया। दोनों हत्याओं का उद्देश्य भी एक ही था।
हत्याओं के पीछे एक ही मास्टर माइंड भी बताया गया था। इन हत्याओं का खुलासा करने के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया था। एसटीएफ ने इन हत्याओं के आरोप में रामकृष्ण वर्मा, आनन्द तिवारी और विनोद शर्मा को गिरफ्तार किया था। इन तीनों के बाद डा. वाई.एस. सचान को गिरफ्तार किया गया था। डा. सचान को दोनों सीएमओ की हत्याओं का मास्टर माइंड बताया गया था।












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