एसपी का हत्यारा माओवादी दिल्ली पुलिस के शिकंजे में

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, माओवादी प्रदीप कुमार को रोहिणी सेक्टर-24 स्थित रिठाला मेट्रो स्टेशन पर पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से एक पिस्टल बरामद हुई है। वह झारखंड के लातेहार का रहने वाला है। क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजय जैन के मुताबिक, प्रदीप सिंह को एडिशनल डीसीपी जॉय टिर्की और इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश वशिष्ठ की टीम ने गिरफ्तार किया। इसका एक बेटा राकेश (20) पीडब्ल्यूजी का एरिया कमांडर भी है।
जैन ने बताया कि 1997 में वह झारखंड को अलग राज्य की मांग को लेकर दिल्ली में आयोजित एक रैली में आया था। उपायुक्त के अनुसार वर्ष 1990 में प्रदीप ने पीडब्ल्यूजी ज्वाइन किया। अक्टूबर 2000 में गुड्डू ओरोन के नेतृत्व में लोहरदग्गा के पेसराय गांव के समीप एक सफेद जिप्सी व एक पुलिस जीप घूमने की सूचना मिली। मोओवादियों को पता था कि आगे जाकर पीछे लौटने का एकमात्र रास्ता वही था।
उन्होंने एसपी लोहरदग्गा अजय कुमार सिंह के गश्ती दल को उड़ाने के लिए टीमें तैयार कीं। जिसमें प्रदीप सिंह की टीम को फायरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। लैंडमाइन विफल रहने पर प्रदीप के दस्ते ने ही पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। सिर में दो गोली लगने से एसपी की मौके पर मौत हो गई थी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदीप पंजाब भाग गया। प्रदीप पर युवकों को पीडब्ल्यूजी से जोड़ने व उन्हें फायरिंग की ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी भी थी। प्रदीप झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़, बिहार, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में भी सक्रिय था। इसे वहां की कोर्ट से भगोड़ा भी घोषित कर दिया गया था।












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