अरविंद केजरीवाल के सहयोगी की मौत की गुत्थी उलझी

आपको बता दें कि पिछले दिनों (23 अप्रैल को) बसंत कुंज इलाके में हिट और रन का मामला सामने आया था। हालांकि उसपर किसी ने ध्यान नहीं दिया औऱ पुलिस ने मामले को ठंड़े बस्ते में डाल दिया। हिट और रन का शिकार टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल के सहयोगी रविंद्र बलवानी (61) हुए थे। बलवानी अरविंद केजरीवाल और उसके गैर सरकारी संगठन परिवर्तन के एक सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। 23 अप्रैल को एक कार ने उन्हें टक्कर मारी। उन्हें सिर में चोट लगी और तीन दिनों तक वे जिंदगी और मौत से जूझते रहे। अंततः वे दुनिया से विदा हो गए। इस मामले में पुलिस न कोई गिरफ्तारी नहीं की और न ही किसी को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस का कहना था कि यह हिट औऱ रन का मामला था। चूंकि इस बाबत कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला इसलिए इसे फाइल को बंद कर दिया गया। हालांकि अब पुलिस इस बात के लिए तैयार है कि यदि परिवार का कोई सदस्य इस बात की पुनः जांच के लिए कहता है तो पुलिस इस मामले को पुनः देखेगी।
बलवानी की बेटी सोनिया ने कहा कि उसके पिता एक सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ता थे और सरकार के कई अफसरों के खिलाफ उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामलों का खुलासा किया था। वे ट्रांसको से सेवानिवृत हुए थे। उन्होंने कहा कि उनके पिता को 2009 से लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि उनकी एक साजिश की तहत हत्या की गई। हालांकि अभी तक अरविंद केजरीवाल का कोई बयान नहीं आय़ा है।












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