प्रणव मुखर्जी को राष्ट्रपति स्वीकार लेगी भाजपा!

भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि प्रणव मुखर्जी की दावेदारी को कोई भी नेता खारिज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद का फैसला को एनडीए को करना है लेकिन उनके अनुभव को कोई भी दरकिनार नहीं कर सकता। यूपीए, गैर यूपीए और राजग में शामिल दलों ने जिस तरह से सर्वसम्मत राष्ट्रपति की रट पकड़ी है, उससे प्रणब मुखर्जी का पलड़ा भारी होता जा रहा है।
प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति पद के लिए खुद की उम्मीदवारी को अटकलें बताया है। उन्होंने कहा कि इन अटकलों पर विराम लगना चाहिए। प्रणव से राष्ट्रपति चुनाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होने कहा कि किसी अटकलबाजी में न पड़ें। प्रणव मुखर्जी इस समय एशियन डवलपमेंट बैंक की बैठक में भाग लेने के लिए बैंकाक गये हुए है।
अगर सीटों की बात करें तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार के पास 40 प्रतिशत मत है जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग के पास 30 प्रतिशत से कम मत है। देश की दोनों की बड़ी पार्टियां अपने दम पर राष्ट्रपति का चुनाव नहीं कर सकती। इसके लिए उनको अन्य दलों को भी सहारा लेना पड़ेगा।












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