मैनपुरी खाकर कैंसर के शिकार हो रहे मैनपुरी के लोग

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मैनपुरी में मुंह के कैंसर के सबसे अधिक रोगी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार हर 48 घण्टे में एक कैंसर का रोगी यहां पैदा होता है। मैनपुरी की तम्बाकू और गुटखा इसका मुख्य कारण है।
संगठन की रिपोर्ट में भी मैनपुरी में सर्वाधिक मुंह के कैंसर रोगी होने की बात कही गयी है और जिला अस्पताल के आंकडों के अनुसार जिले में प्रतिमाह पन्द्रह से सोलह कैंसर के रोगी मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू में निकोटीन, एसीटोन, फार्मिस्ट एसिड, ल्यूटारिक एसिड व फीनोल जैसे जहरीले तत्व होते हैं।
मैनपुरी तंबाकू इतना खतरनाक होता है कि इसको खाने से व्यक्ति का मुंह छोटा होने लगता है और व्यक्ति खाना खाने में भी दिक्कत महसूस करता है। गंभीर बात यह है कि यहां इसके इलाज की भी सुविधा नहीं है। मैनपुरी में मुंह के कैंसर रोगियों की बढती संख्या को देखते हुए सपा की सरकार के समय 2006 में यहां कैंसर यूनिट की स्थापना की घोषणा हुई।
कैंसर यूनिट बनी भी पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आज तक चालू नहीं हो सकी है। वहीं यहां की त बाकू का कारोबार इतना बड़ा है कि मैनपुरी त बाकू पूरे प्रदेश ही नहीं देश और अब विदेशों में भी बिक रहा है।
पड़ोसी देश पाकिस्तान में मैनपुरी त बाकू तस्करी के जरिये पहुंचता है और वहां इसकी काफी मांग है। बालिग और नाबालिग में तंबाकू की बढ़ती लत और कैंसर रोगियों की बढती सं या को देखते हुये पाकिस्तान मेंइसके निर्माण और बिक्री पर रोक तक लगा दी गयी।












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