एसडीएम व उनके स्टेनो ने महिला से की छेड़छाड़

पीडि़त महिला ने मामले की शिकायत पुलिस में की लेकिन पुलिस में मामला दर्ज न होने के कारण उसने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज हुआ और अब पुलिस प्रकरण की छानबीन कर रही है। प्रदेश के एटा जिले में नगर कोतवाली में गत वर्ष छह अगस्त को वाहनों की नीलामी के दौरान ङ्क्षरकी ठाकुर ने एक टाटा सफारी व मोटरसायकिल खरीदी।
रिंकी ने आरोप लगाया कि नीलामी के बाद जब वह वाहनों को लेने गयी तो तत्कालीन उपजिलाधिकारी एसडीएम सदर बी.पी. सिंह ने कहा कि वाहन सस्ते में लिए हैं और ऐसा कहकर वह अतिरिक्त पैसों की मांग करने लगे। रिंकी ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की तो उन्होंने तत्काल वाहनों को रिलीज करने के आदेश दिये लेकिन इसके बाद भी वाहन उसे नहीं मिले।
कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बाद एसडीएम के स्टेनो अवधेश कुमार ने रिंकी ठाकुर से कहा कि श्री सिंह ने उन्हें कैम्प कार्यालय में बुलाया है। रिंकी का आरोप है कि एसडीएम ने उसके साथ कैम्प कार्यालय में छेड़छाड़ की। इसकी शिकायत लेकर जब वह थाने में गयी तो पुलिस ने उसकी तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूरन उसने अदालत की शरण ली।
पुलिस के इस रवैये से आहत रिंकी ने न्यायालय की शरण ली। मामले पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीजेएम वंश बहादुर ने 23 अप्रैल को एसडीएम व उनके स्टेनों के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत के आदेश के बाद गुरूवार को कोतवाली नगर में एसडीएम और उनके स्टेनो के खिलाफ भारतीय दण्ड विधान की धारा 354 व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस अब मामले की छानबीन करने की बात कर रही है।












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