पंजाब में महिला कांस्टेबल की लेस्बियन मैरेज
लोक लाज के मारे माता पिता पुरजोर विरोध करते रहे पर आखिर दोनों ने अपने प्यार को पाने के आड़े आने वालों को कोर्ट में चुनौती दे डाली। अदालत ने दोनों महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध करवाने के लिए पंजाब पुलिस के जिला एस एस पी को सख्त आदेश दे डाले हैं।
महिला कांस्टेबल की साथी महिला दोनों भठिंडा जिला के बाला हाड बिन्जू ग्राम की रहने वाली हैं। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की माननीय जज निर्मलजीत कौर ने जिला बठिंडा पुलिस के आला अफसर के आदेश दिए कि दोनों की जन और मॉल की पूरी सुरक्षा की जिम्मेवारी अब पुलिस पर है।
इलाके में महिलाओं की इस शादी के लेकर गांवों में खूब चटखारे लेकर चर्चाएं जारी हैं। पर दोनों महिलाएं पूरी तरह से अपने फैसले पर अडिग हैं। पंजाब में इस तरह की शादियां पहले भी हुईं हैं पर ये शादियां कितना कामयाब रही हैं सब जानते ही हैं। इस अब्रे में पुष्ट सूत्रों से उपलब्ध जानकारी मुताबिक कांस्टेबल स्वर्ण कौर थाना में तैनात हैं। लम्बी छरहरी शरीर वाली स्वर्ण कौर हिम्मती और जुझारू महिला है।
दूसरी महिला हर शरण कौर भी इसके गांव में ही रहती है। दोनों बचपन से एक साथ जन्मी पली और बड़ी हुई हैं और अब जवानी में प्यार भी दोनों का एक साथ जवान होकर परवान चढ़ रहा है। कोर्ट में दोनों ने अपने-अपने माता-पिता से अपनी जनों को गम्भीर खतरा बताया और जान मॉल की हिफाजत की गुहार लगाई।
हर शरण कौर ने लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा प्राप्त किया हुआ है । दोनों महिलाओं का कहना है अगर कोई धार्मिक अदायरा उनको रस्मी शादी की इजाजत देगा तो वो पीछे नहीं हटेंगी। हालांकि उन्होंने माना कि बिना शादी के भी रहा जा सकता हैं। लडकियों के एडवोकेट कमलजीत सिंह से इस बारे में सम्पर्क सफल ना हो पाया। दोनों ने परस्पर एक दूजे को क्या माना किस ने किसको पति या पत्नी माना है ये जानकारी उपलब्ध ना हो पाई है।
दोनों कोर्ट के फैसले से खुश हैं। वहीं समाज में इस शादी को लेकर एक बार फिर कानाफूसी और आहत कर देने वाली छींटा - कशी का दौर शुरू हो गया है।













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