जेल से फोन, फेसबुक के जरिए जेल पर कराया हमला

तालिबाद का आतंकवादी राशिद पख्मूनखवा प्रांत के केंद्रीय जेल में बंद था, जिसको छुड़ाने के लिए आतंकवादियों ने जेल पर धावा बोला और उसके साथ ही जेल में सजा काट रहे लगभग 380 कैदी भी फरार हो गये। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि राशिद को रिहा कराने के लिए ही आतंकवादियों ने जेल पर हमला किया था।
अदनान राशिद को पाकिस्तान की अदालत ने सन 2003 में परवेज मुशर्रफ की जान लेने की कोशीश करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। सूत्रों के अनुसार राशिद जेलों में भी मोबाइल का इस्तेमाल करता था। वह पाकिस्तानी वायु सेना में जूनियर टेक्नीशियन के पद पर था इस कारण उसको टेक्निकल अच्छा नालेज था।
ऐसा भी बताया जाता है कि जेल के भीतर से ही राशिद फेसबुक जैसी नेटवर्किंग साइटों और ब्लॉग पर भी सक्रिय रहा। वह अपने मोबाइल के जरिये जेल में बैठे बैठे लोगों के साथ संपर्क में रहता था। वह रिपोर्टरों को जेल में बैठे बैठे की सूचना भेजा करता था। हमला सीधे मौत की सजा सुन चुके कैदियों के बैरक पर ही हुआ। इससे ऐसी आशंका जताई जा रही है कि राशिद उनके संपर्क में था। जिस बैरक पर हमला हुआ उसने मौत की सजा सुन चुके 21 कैदी बंद थे।












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