पचास लाख लोग हर साल मर जाते हैं धूम्रपान से

डा. सूर्यकांत का कहना हैकि लोगों में तम्बाकू के प्रति जागरूकता तो है लेकिन इसकी रोकथाम के लिए बनाए गए नियमों में सख्ती न होने के कारण लोग इस लत को छोड़ नहीं पा रहे हैं। तम्बाकू का लगातार सेवन न सिर्फ व्यक्ति को कैंसर की ओर ले जाता है बल्कि शरीर में कई अन्य विकार भी पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि तम्बाकू के लगातार प्रयोग से व्यक्ति की प्रजनन क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और कई मामलों में ऐसा देखा गया कि तम्बाकू के अधिक प्रयोग से व्यक्ति की प्रजनन क्षमता समाप्त हो गयी। उनका कहना है कि तम्बाकू खाने से अस्थमा व कैंसर जैसे रोगों के अतिरिक्त प्रजनन क्षमता को प्रभावित करना मानवजाति के लिए बहुत ही खतरनाक है।
आमतौर पर लोग तम्बाकू की वजह से होने वाले कैंसर आदि पर ही ध्यान देते हैं लेकिन उक्त रोग के प्रकाश में आने के बाद से इस क्षेत्र में और भी शोध शुरू हो गए हैं। डा. सूर्यकांत के अनुसार तम्बाकू जनित रोगों से जिस तेजी से लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं वह चिंता का विषय पर है यदि इस पर लगाम न लगायी गयी तो आने वाले दिनों में इसके खतरनाक परिणाम देखने को मिलेंगे।












Click it and Unblock the Notifications