सरकार सिर्फ एक बार देगी हज के लिए सब्सिडी

सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा है कि नया दिशा-निर्देश यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है कि उन लोगों को प्राथमिकता मिल सके, जिन्होंने पहले कभी हज नहीं किया है। सरकार ने कहा है कि यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है और ऐसा पहली बार किया जा रहा है। इस फैसले का मकसद हज कमेटी ऑफ इंडिया (एचसीओआई) के जरिए हज यात्रा के लिए आवेदन देने वालों की संख्या में कमी लाना है। नई नीति के अनुसार हज यात्रा के लिए सरकार की ओर से पूरे जीवन में सिर्फ एक बार सब्सिडी मिलेगी। इससे सरकारी मदद पर हज यात्रा करने का मौका और अधिक लोगों को मिल सकेगा। बहरहाल, सरकार ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि वर्ष 2012 में हज यात्रा के लिए वह कितनी सब्सिडी देगी।
सरकार ने कहा है कि सब्सिडी देने में उन लोगों को वरीयता दी जाएगी, जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। इसके साथ ही उन लोगों को भी प्राथमिकता मिलेगी जो इससे पहले तीन बार सब्सिडी के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें एक बार भी इस सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिला है। सर्वोच्च न्यायालय की जस्टिस आफताब आलम और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की खंडपीठ ने 24 फरवरी को केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराए। साथ ही पीठ ने राज्यों की हज कमेटियों को सीटों के आवंटन के तौर-तरीकों की भी जानकारी देने को कहा था।












Click it and Unblock the Notifications