आईजीएल की मांग खारिज, घटेंगे सीएनजी के दाम

पीएनजीआरबी ने सोमवार को आईजीएल को आदेश दिया था कि वह कंप्रेशन और नेटवर्क शुल्क को उनके द्वारा तय मानक के हिसाब से घटा दें और इसका फायदा उपभोक्ताओं को दे। इसी आदेश के खिलाफ आईजीएल हाईकोर्ट चली गई थी लेकिन वहां से भी उसे राहत नहीं मिली। हालांकि कोर्ट में आईजीएल ने कहा कि अभी अंतिम सुनवाई 19 अप्रैल को होनी है लिहाजा कोर्ट का आखिरी आदेश जो होगा उसे वह स्वीकार करेगा।
दरअसल पीएनजीआरबी ने सन 2008 में कंप्रेशन शुल्क 2.75 रुपये और नेटवर्क शुल्क 53.33 रुपये तय किया था। लेकिन आईजीएल सन 2008 से ही कंप्रेशन शुल्क 2.75 रुपये जगह 6.66 रुपये और नेटवर्क शुल्क 53.33 रुपये की जगह 104 रुपए वसूल रही थी। इस बीच के अंतर को ही पीएनजीआरबी ने कम करने और तभी तक लिए गए ज्यादा रुपये को उपभोक्ताओं को देने का आदेश दिया था।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एके सिकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ ने पीएनजीआरबी के आदेश पर रोक लगाने से इंकार करते हुए अंतिम रूप से सुनवाई के लिए 19 अप्रैल की तारीख लगा दी। उन्होंने दोनों एजेंसियों को कहा कि वे इस बीच अपनी-अपनी ओर से लिखित रूप से अपनी बातें जमा करा सकते हैं।












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