पैर काट कर निकाला 18 किलो का ट्यूमर

इस बारे में जानकारी देते हुए पंडित भगवत दयाल शर्मा हैल्थ विश्वविद्यालय के कुलपति एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस सांगवान ने बताया कि उनकी यूनिट में मदीना गांव का एक अठारह वर्षीय युवक अरविंद करीब डेढ वर्ष पहले डॉ.जिले सिंह कुंडू के पास ईलाज करवाने आया था। जिस पर उसकी जांच करने पर उन्हें बताया गया कि अरविंद की टांग में कैंसर की रसोली है जिसके कारण उसकी टांग काटनी पड़ेगी।
इसके बाद उसके परिजन देशी ईलाज के चक्कर में पड़ गए और अब जबकी वह रसोली दस गुणा बढ गई और मरीज की हालत इतनी खराब हो गई कि वह चलने में बिल्कुल असमर्थ हो गया और असहनीय दर्द के साथ उसका वजन भी बहुत कम हो गया था तो वें गत दिवस उनकी ओपीडी में आया तो तुरंत प्रभाव से उसका आप्रेशन करने का निर्णय लिया गया।
डॉ. जिले सिंह कुण्डू ने बताया कि इस रसोली को काटकर शरीर से अलग नहीं किया जाता तो वह कभी भी फूट सकता था। उन्होंने बताया कि मरीज को ओस्टीयोसारकोमा नामक हाईग्रेड बोन कैंसर था। जिससे मरीज की टांग को जरुर काटना पड़ता। इसके चलते आज कुलपति डॉ.एस.एस.सांगवान के दिशा-निर्देशन में डॉ. विनय, डॉ. अनिल हुड्डा के साथ मिलकर मरीज का आप्रेशन शुरु किया जिसमें बेहोशी विभाग की टीम में डॉ. सरला हुड्डा, डॉ. रविंद्र, डॉ. नंदिता, डॉ. हमेश, स्टाफ नर्स आशा व ओटी कैलाश ने बहुत सहयोग दिया।
डॉ. कुण्डू ने बताया कि इस आप्रेशन के बाद कैंसर के मरीज को दर्द से काफी राहत मिलेगी और वह आसानी से ईधर-उधर जा सकेगा। इससे पहले वह चलने में असमर्थ था और एक जगह लेटे रहने के कारण उसे बैड सोर भी हो गया था। अरविंद के पिता सुरेंद्र ने कहा कि डॉक्टरों ने उसके बेटे के असहनीय दर्द से काफी राहत दिलवाई जिसके लिए वें सभी का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं।












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