राम भक्तों पर फायरिंग के लिए पुलिस जिम्मेदार

शिवपाल यादव ने कहा कि पुलिस को सीधे गोली नहीं चलानी चाहिये थी। स्थिति यदि बिगड़ ही रही थी तो पहले लाठीचार्ज करना चाहिये था, फिर आंसू गैस और स्थिति फिर भी काबू में नहीं आती तो पैरों में गोली मारते। सीधे गोली चलाने का कोई औचित्य ही नहीं बनता। श्रद्धालु कोई डकैत नहीं थे कि उन्हें सीधे गाली मार दी जाये। मामले कि तह तक जाने की कोशिश की जायेगी।
गौरतलब है कि ब्राह्मणी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के झण्डा चढ़ाने के समय लाइन लगाने को लेकर रविवार को श्रद्धालुओं व सुरक्षाबलों में झड़प हो गयी और बाद में दोनों ओर से गोली चल गयी। गोली लगने से तीन श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गयी जबकि एक पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हो गये थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रुप से घायल लोगों को पचास-पचास हजार रपये तथा मामूली रुप से घायलों को बीस-बीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की तत्काल घोषणा कर दी।
घायलों को मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सैफई के पीजीआई चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। घायलों का मु त इलाज किया जा रहा है। मौके पर राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था जगमोहन यादव को भी भेजा गया था। पूरी घटना की मजिस्ट्रेटी और सीबीसीआईडी जांच के आदेश दिये हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेकर अधिकारियों से तुरन्त बातचीत भी की। मौके पर पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।












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