बलंवत की फांसी को लेकर पंजाब में फसाद

दुकानें, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, दफ्तर और विभिन्न शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। राज्य के शैक्षणिक संस्थानों की ओर से आज तय परीक्षाएं टाल दी गयी हैं। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर यातायात काफी कम देखा गया। ज्यादातर निजी और सरकारी बसें सड़कों से नदारद हैं। निषेधाज्ञा यानी पांच या इससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर लगी पाबंदी के बावजूद सिखों ने राजोआना के समर्थन में छोटे-छोटे जुलूस निकाले। राजोआना फिलहाल पटियाला के सेंट्रल जेल में बंद है।
व्यापार और उद्योग जगत के लोगों ने बंद के मद्देनजर पंजाब सरकार से कल राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिये उपयुक्त कदम उठाने को कहा था। सीबीआई की विशेष अदालत ने बेअंत सिंह हत्या मामले में एक अगस्त 2007 को राजोआना तथा जगतार सिंह हवाड़ा को मौत की सजा सुनायी थी। चंडीगढ़ की अदालत ने डेथ वारंट इस महीने पटियाला जेल प्राधिकरण को दे दिया। उनसे 31 मार्च को फांसी की तामील करने को कहा गया है। 31 अगस्त 1995 को बेअंत सिंह आत्मघाती बम हमले में मारे गये थे। जिस समय आत्मघाती हमला हुआ सिंह चंडीगढ़ में पंजाब सचिवालय स्थित उच्च सुरक्षा वाले अपने दफ्तर से निकल रहे थे। इस घटना में 17 अन्य लोग मारे गये थे। योजना के तहत हमले में दिलावर के विफल होने पर राजोआना को दूसरे मानव बम के रूप में इस्तेमाल किया जाना था।












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