बादल हो सकते हैं उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार

दूसरी तरफ राष्ट्रपति के संभावित उम्मीदवारों में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कर्ण सिंह के नामों की चर्चा है। मालूम हो कि कई महत्वपूर्ण राज्यों में भाजपा की सरकार है जबकि सपा, तृणमूल कांग्रेस और अन्नाद्रमुक जैसी क्षेत्रीय दलों की भूमिका भी राष्ट्रपति चुनाव में महत्वपूर्ण होने वाली है। इस हालत में यदि कांग्रेस को अपने उम्मीदवार को प्रतिभा पाटिल का उत्तराधिकारी बनाना है तो उसे गैर संप्रग दलों के साथ आम राय बनानी पड़ेगी।
दूसरी तरफ बजट के दूसरे भाग में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी गति पकड़ सकती है। 24 अप्रैल को बजट सत्र का दूसरा भाग शुरू होने जा रहा है। गौरतलब है कि राजग के शासनकाल में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के नामों पर असहमति हो गई थी। उस समय भाजपा के भैरो सिंह शेखावत कांग्रेस के सुशील कुमार शिंदे को हराकर उपराष्ट्रपति बने थे। राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा से नामित और महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल पीसी अलेक्जेंडर पर सहमति नहीं बनी थी। हालांकि बाद में एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर आम राय कायम हुई थी।












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