लखनऊ को बेंगलुरु बनाना चाहते हैं अखिलेश

अखिलेश का कहना है कि अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश में आईटी के क्षेत्र में काफी पीछे है जरूरी है कि इस दिशा में कार्य किया जाए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए श्री यादव ने प्रदेश में आईटी नीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रदेश आत्म निर्भर हो तभी समग्र विकास हो सकेगा।
कम्प्यूटर और अंग्रेजी को लेकर आलोचना झेल चुकी समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों से हटकर मुख्यमंत्री ने आईटी का आधार बनाते हुए समग्र शिक्षा नीति बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पिछली 15 तारीख को मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में ही मुख्यमंत्री श्री यादव ने घोषणा पत्र में किये गये वायदों में शिक्षा नीति में आईटी को शालि करने की बात दोहरायी थी। उनका कहना है कि यह युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का सबसे बेहतर माध्यम है। श्री यादव ने प्रदेश में आई.टी. तथा आई.टी.ई.एस. उद्योगों, कम्प्यूटर हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रानिक्स उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाने के निर्देश दिए।
अखिलेश की नीति के अंतर्गत लखनऊ तथा आगरा में आई.टी. तथा बी.पी.ओ. उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं। इसलिए प्रदेश के युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी सम्बन्धी शिक्षा देकर रोजगार मुहैया कराने के इरादे से एक समग्र आई.टी. शिक्षा नीति बनाई जाए। शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में आम जनता को ई-सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक निजी सहभागिता पी.पी.पी. मॉडल पर केन्द्रों की स्थापना करने के निर्देश दिए। उन्होंने लखनऊ में ई-सुविधा का विस्तार करने तथा कुछ अन्य सरकारी सुविधाओं को ई-सुविधा केन्द्रों के माध्यम से आम नागरिकों को सुलभ कराने के निर्देश भी दिए।












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