अखिलेश ने पीएम को लिखा पहला पत्र

अखिलेश यादव ने इसी तरह का पत्र केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को भी दिया है। यूपी के बतौर मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को भेजे पहले पत्र में उन्होंने कहा कि सर्राफा व्यावसायियों की समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाना जरूरी है। ज्ञात हो कि सर्राफा कारोबारी इन दिनों बेमियादी हड़ताल पर हैं और सभी दुकानें बंद हैं जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री से मिलकर इस सम्बंध में एक ज्ञापन देते हुए उनसे इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया था। एसोसिएशन के पदाधिकारी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह से भी मिले थे। सर्राफा एसोसिएशन से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई कर प्रधानमंत्री को उनकी समस्या के निराकरण का पत्र भेजा।
एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 1990 में गोल्ड कन्ट्रोल एक्ट हटाने से व्यावसायी सीमा शुल्क विभाग के जिस उत्पीडऩ से मुक्त हुये थे बजट में किए गए प्राविधान के माध्यम से उन्हें पुन: उसी उत्पीडऩ की ओर ले जा या जा रहा है। उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रवीन्द्र रस्तोगी का कहना है कि देश के सर्राफा व्यापार में बड़ा हिस्सा गैर ब्रांडेड आभूषण का है। एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगने से व्यापार को तगडा झटका लगेगा। उन्होंने आशंका जतायी कि सरकार के इस कदम से सोने की तस्करी को भी बढ़ावा मिलेगा। पिछले 16 मार्च को बजट में किये गये इस प्रावधान से पूरे उत्तर प्रदेश के सर्राफा व्यवसायी 17 मार्च से हड़ताल पर हैं और उनके प्रतिष्ठान बंद हैं। एक अनुमान के अनुसार हड़ताल के बाद से अब तक सर्राफा कारोबार में करीब पांच सौ करोड़ का नुकसान हुआ है।












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