अपनी ही सरकार को कोस तालियां बटोर रहे हैं श्रीप्रकाश जायसवाल

मालूम हो कि सर्राफा व्यापारी सोने पर आयात और उत्पाद शुल्क बढ़ाए जाने से भड़के हुए हैं। आम बजट में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोने पर आयात शुल्क 2 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी करने का एलान किया है। इसी क्रम में सर्राफों को संबोधित करते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि "हमें ऐसा लगता है कि आप पर संकट ज्यादा है, सरकार पर कम। सरकार पर रेवेन्यू का संकट है, लेकिन छोटे से रेवेन्यू लेकर, दस-पांच बूंद पानी लेकर गागर नहीं भरी जा सकती। गागर तो गागर है उसके लिए अनाप-शनाप पानी चाहिए, तब गागर भरती है।
उन्होंने कहा कि केवल 100 करोड़ रेवेन्यू की प्राप्ति होगी लेकिन उसके बदले में कितना खून आपका चूसा जाएगा, इसकी कल्पना हम कर सकते हैं, सरकार नहीं।" श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार को हर हाल में व्यवसायियों का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सर्राफा व्यापार की समस्या को वित्त मंत्री तक ले जाएंगे। जानकारों की मानें तो कानपुर श्री जायसवाल का चुनावी क्षेत्र है और 2014 के चुनाव के मद्देनजर वह ऐसा कर रहें हैं। मगर अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयान देना श्री जायसवाल को मंहगा भी पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि श्री जायसवाल ने सिर्फ बयान ही नहीं दिया, उन्होंने काली पट्टी बांध कर सरकार का विरोध भी जताया।












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