काश अन्ना के साथ बाबा रामदेव भी होते

यदि बाबा रामदेव मंच पर होते तो आज भी जंतर मंतर पर तिल रखने की जगह नहीं होती। पर बाबा ने अपने उपर ताजा आरोपों के कारण जंतर-मंतर पर आने से इंकार कर दिया जिससे भ्रष्टाचार की लड़ाई की पवित्रत्रा बनी रहे। हालांकि रामदेव ने अन्ना के कार्यक्रम में नहीं आने की वजह अपनी व्यस्तता बताई है।
गौरतलब है कि अन्ना के साथ बाबा रामदेव की हरिद्वार में हुई ताजा बैठक के बाद दोनों नेताओं ने आपसी तालमेल से आंदोलन चलाने का ऐलान किया था, लेकिन माना जा रहा है कि बाबा रामदेव के कार्यक्रम में नहीं आने का फैसला दोनों ने आपसी सहमति से ही लिया है, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन पर लोगों को सवाल उठाने का मौका न मिल सके।
हालांकि रामदेव ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनके सारे कार्यक्रम पांच से छह महीने पहले तय हो जाते हैं। इसलिए इतने कम समय में उनके लिए दिल्ली आना मुमकिन नहीं होगा। रामदेव के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं कि उनके ट्रस्ट ने वर्ष 2004-05 के दौरान सात लाख रुपये से भी कम की दवाओं की बिक्री दिखाई, जो कि गलत है।












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