कोयले की कालिख से नहीं बच पाएगी यूपीए सरकार
नई
दिल्ली। देश के अब तक के सबसे बड़े घोटाले को छुपाने के लिए सरकार की कोशिशें नाकाम होती नजर आ रही है। आपको बताते चले कि कोयला घोटाला 10.7 लाख करोड़ का है और यह 2जी जैसे बडे़ घोटाले का छह गुना है। कैग की रिपोर्ट द्वारा अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस बड़े घोटाले का खुलासा किया था, लेकिन कुछ दिन बाद टाइम्स ऑफ इंडिया ने ही खबर को भ्रामक बताया। अब ब्रिटेन के अखबार 'फाइनैंशल टाइम्स' ने भी साफ किया है कि कैग का ड्राफ्ट लगभग फाइनल फॉर्म में है। id="toptextpromo">गौरतलब
है कि सरकार ने गुरूवार को दावा किया था कि कोयले घोटाले की खबर कैग के शुरूआती ड्राफ्ट के आधार पर बनायी गया है। लंदन के एक अखबार फाइनैंशल टाइम्स ने बताया है कि कैग की रिपोर्ट को जानने वाले एक एक अधिकारी ने बताया है कि कैग की यह रिपोर्ट लगभग असली जैसी है। जब यह कोयला घोटाला हुआ था उस समय कोयला विभाग प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास था। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>गौरतलब
है कि विपक्ष ने घोटाले के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे इस्तीफा मांगा था। कैग की रिपोर्ट पर जब टीवी चैनलों ने कोयला केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जैसवाल से प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहां कि हम इस रिपोर्ट पर बयान नहीं देंगे। पहले हम इस मामले को पूरी तरह समझेंगे। उन्होंने कहा था कि हम कैग से संपर्क कर रहे है, शाम तक रिपोर्ट मिल जाएगी।











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