कण्वाश्रम में मिला मंत्री का लापता पुत्र

मंत्री पुत्र की बरामदगी के लिए उत्तर प्रदेश की एसओजी टीम ने काफी प्रयास किया। वह बिजनौर जिला क्षेत्र स्थित तल्ला मोटाढांक के एक आश्रम में 15 मार्च को साथियों के साथ आया था। 17 मार्च की शाम पांच बजे घूमने निकला और वापस नहीं आया। रात बीतने के बाद आश्रम के लोगों की ओर से पुलिस और मंत्री को उसके गायब होने की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की। बिजनौर और कोटद्वार की पुलिस जंगलों और होटलों को खंगालती रही। बुधवार को वह कण्वाश्रम में मिला।
यूपी के एसओजी प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि अतुल काफी डिप्रेशन में है। वह दिनभर जंगल में ध्यान लगाए बैठा रहता था। रात में आश्रम या आसपास ही कहीं रात गुजरता था। बेलागिरि आश्रम के महंत रविंद्रानंद गिरीजी महाराज ने बताया कि अतुल काफी समय से एकांत चाह रहा था। इस बात को वह अक्सर ही कहा करता था। इसी के चलते वह बिना बताए निकल गया।
बेलगिरी संन्यास आश्रम के प्रबंधक रविंद्रानंद गिरीजी महाराज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि कि उनका आश्रम जूना अखाडे़ से संबंधित है। मंत्री पुत्र अतुल पहली बार एक परिचित के साथ आश्रम आया था। उस समय वह आश्रम में मौजूद नहीं थे। इससे पूर्व भी अतुल मोटाढाक और हरिद्वार स्थित उनके आश्रम आ चुका था। उन्होंने बताया कि अतुल तनावग्रस्त था और तनाव से मुक्ति के लिए ही आश्रम आया था।
बेटे के मिलने की जानकारी होने पर यूपी के मंत्री भगवत शरण गंगवार बेलागिरी आश्रम पहुंचे। बाद में वह एसओजी के साथ घर के लिए रवाना हुए। मंत्री के रिश्तेदार नरेंद्र कुमार गंगवार ने फोन पर बताया कि पिता-पुत्र एक ही वाहन से गए। लेकिन किसी ने एक दूसरे से वार्तालाप नहीं किया। अतुल भी किसी से कोई बात नहीं कर रहा है।












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