वाराणसी में जीवित महिला की निकली शवयात्रा

प्रदेश के वाराणसी जिले में एक महिला ने जीते जी अपनी शवयात्रा निकलवा दी। वाराणसी के पाण्डेयपुर क्षेत्र में लमही के पास सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहने वाली 65 वर्षीय लाची देवी गरीबी से तंग हैं। गरीबी के चलते अपने पति की मौत के बाद वह विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान तक नहीं करा सकी। अकेले जीवन गुजार रही लाची देवी को यह डर है कि मरने के बाद कोई उसका दाह-संस्कार करेगा भी या नहीं।
इस पीड़ा से उसने यह निर्णय लिया कि वह अपनी शवयात्रा निकालेगी। उसने अपने पुतले की शवयात्रा निकलवायी, जिसमें परिजनों को भी आमंत्रित की। शवयात्रा में परिजनों व रिश्तेदारों के साथ वह खुद शामिल हुई। मूल रुप से मऊ जिले के फतेहपुर की रहने वाली लाची देवी लमही में भीख मांगकर या छोटा मोटा काम करके अपना गुजारा करती है। उसके दो पुत्री व एक पुत्र था लेकिन सभी की मौत हो चुकी है। कुछ दिन पूर्व उसके पति की भी मृत्यु हो गयी थी लेकिन पैसे के अभाव में वह विधिवत उसका अंतिम संस्कार व तेरहवीं नहीं करवा सकी थी।
उसे भय था कि सनातन धर्म के अनुसार जब तक पति की तेरहवीं नहीं हो जाती तब तक उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। इसी पीड़ा में उसने अपनी शवयात्रा निकलवायी। शवयात्रा निकलवाने के बाद वह जल्द ही अपने जीते जी अपनी तेरहवीं भी करना चाहती है। महिला अपनी तेरहवीं के लिए धन एकत्र कर रही हैं।












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