यूपी पुलिस की 'मायावी व्यवस्था' हटी, फिर आयेंगे आईजी

समाजवादी पार्टी की सरकार आने से पहले जिन मामलों की कयास लगायी जा रही थी एक-एक कर सभी सच हो रहे है। सपा सरकार में उन फैसलों को वापस लिया जा रहा है जो पूर्व सरकार के समय में लिए गए थे। इसी क्रम में डीआईजी व एसएसपी के सम्बंध में माया सरकार ने जो निर्णय लिया था वह भी वापस हो गया। प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव ने इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी करते हुए बताया कि इसके साथ ही परिक्षेत्र एवं जिलों में पुलिस अधिकारियों की तैनाती संबंधी पुरानी व्यवस्था को भी लागू किये जाने का रास्ता साफ हो गया है।
ज्ञातव्य है कि वर्ष 2009 में इस माया सरकार में व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा वर्ष 2009 में कई परिक्षेत्रों में पुलिस महानिरीक्षक रैंक के अधिकारियों की तैनाती परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक के रुप में की गई थी। इसके अतिरिक्त अलीगढ, आजमगढ, चित्रकूटधाम, बस्ती, फैजाबाद, देवीपाटन, झांसी, मिर्जापुर व सहारनपुर में पूर्व चल रही व्यवस्थानुसार पुलिस उपमहानिरीक्षक रैंक के अधिकारियों की तैनाती परिक्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक के रुप में की गयी थी।
साथ ही लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर, बरेली, मेरठ, आगरा, कानपुर, वाराणसी एवं मुरादाबाद जिलों में जिला पुलिस अधीक्षक के रुप में पुलिस उपमहानिरीक्षक रैंक के अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिये गये थे। उन्होंने बताया कि उन जिलों में जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों / पुलिस उप महानिरीक्षक के स्थान केवल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की तैनाती होगी।












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