कर्नाटक में हिलीं भाजपा की चूलें, येड्डी दिल्ली में तलब

दिल्ली रवाना होने से पहले येदियुरप्पा ने मीडिया से कहा कि वह और पार्टी के कुछ अन्य नेता इस मुद्दे का हल करने की कोशिश के तहत नितिन गडकरी और महासचिव अरूण जेटली से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा, हम आडवाणी, सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह से भी मुलाकात करेंगे। येदियुरप्पा ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व और आरएसएस में उन्हें काफी भरोसा है तथा वे जो कुछ भी फैसला करेंगे, उसका वह पालन करेंगे।
उडुपी-चिकमंगलूर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा को कांग्रेस से मिली करारी शिकस्त के तुरंत बाद येदियुरप्पा को दिल्ली बुलाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को पिछले साल 31 जुलाई को अपना पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था, क्योंकि अवैध खनन पर लोकायुक्त रिपोर्ट में उन पर आरोप लगाया गया था। हालांकि, सात मार्च को राज्य उच्च न्यायालय ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। येदियुरप्पा तब से भाजपा पर दबाव डाल रहे हैं कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर फिर से आसीन किया जाए।
लोकायुक्त की ओर से अभ्यारोपित किए जाने के बाद अपने पद से पिछले साल इस्तीफा देने को मजबूर हुए येदियुरप्पा ने कहा,"मैंने किसी चीज के बारे में नहीं कहा है। वे मुझे कुछ भी नहीं दे रहे हैं।" दिल्ली बुलाए गए सदानंद गौड़ा ने बेंगलूर में कहा कि कर्नाटक की सत्ता के नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के बारे में प्रतीत होता है कि उसका मानना है कि येदियुरप्पा को बहाल किया जाना चाहिए लेकिन इसके लिए पार्टी चाहती है कि उन्हें आगामी 30 मार्च को होने वाले राज्य सभा चुनावों तक इंतजार करना चाहिए। बहरहाल, भाजपा ने उडुपी-चिकमगलूर लोक सभा सीट पर हुए उप-चुनाव में कांग्रेस के हाथों 45,724 मतों से मात खायी है।
येदियुरप्पा की ओर से राज्य सभा चुनाव के लिए एक बागी उम्मीदवार खड़ा करने से भी उनकी संभावित वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी गयी। उडुपी-चिकमगलूर लोक सभा सीट से खुद डी वी सदानंद गौड़ा सासंद थे । बीते साल अगस्त महीने में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्होंने इस सीट से इस्तीफा दिया था।
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस हार की वजह पार्टी में असंतोष की स्थिति और भ्रष्टाचार के आरोपों से पार्टी की छवि को हुआ नुकसान है। विशेष विमान से दिल्ली रवाना होने वाले गौड़ा के साथ मंत्री एस सुरेश कुमार, गोविंद करजोल और एस ए रविंद्रनाथ भी हैं। दिल्ली दौरे पर येदियुरप्पा भी अपने कुछ वफादार मंत्रियों के साथ आए हैं ।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष के एस ईश्वरप्पा को भी दिल्ली बुलाया गया है। एक और ताजा घटनाक्रम के तहत नगरपालिका प्रशासन मंत्री बालचंद जर्कीहोली ने करीब 10 भाजपा विधायकों के साथ राज्यपाल हंसराज भारद्वाज से मुलाकात की और राज्य में पैदा हुई राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। राज भवन से निकलते वक्त जर्कीहोली ने कहा कि राज्यपाल से हुई उनकी भेंट महज एक नियमित मुलाकात थी। येदियुरप्पा विरोधी खेमे के समझे जाने वाले जर्कीहोली ने कहा कि राज्यपाल के साथ राज्य के बजट पर चर्चा की गयी।












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