भाजपा के अहलूवालिया ने की इंदिरा की तारीफ

BJP LeaderS.S. Ahluwalia
दिल्ली (ब्यूरो)। राज्यसभा ने अपने 58 सदस्यों को विदाई दे दी है। राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुआई में राज्यसभा ने इन सदस्यों को भावभीनी विदाई दी। विदाई समारोह भाजपा के एसएस अहलूवालिया छाए रहे। भाजपा में होते हुए भी उन्होंने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की जमकर तारीफ की। इस अवसर पर मनमोहन सिंह ने कहा ‘यूनान, मिस्र, रोम सब मिट गए जहां से, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी’।

करीब 28 साल से राज्यसभा में अपनी मौजूदगी और धाकड़ आवाज की ताकत से सदन को हिला रहे भाजपा के एसएस अहलूवालिया ने अपनी विदाई में बेहद मृदु स्वभाव दिखाया और अपना दूसरा ही चेहरा पेश किया। उन्होंने शायरी का दामन थामते हुए कहा कि उनके जीवन का सदा यही उसूल रहा है कि ‘ए नाखुदा मुझे किनारों से दूर ही रखना, मुझे उधर ले चल जहां तूफान उठने वाला है’।

अहलूवालिया ने बताया कि उन्हें श्रीमती इंदिरा गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से मिलाया था जो उन्हें राज्यसभा में लेकर आए थे और उनकी प्रेरणा से ही मैंने कंप्यूटर सीखा। राष्ट्रीय लोकदल के सदस्य महमूद मदनी ने कहा कि वह उन मुसलमानों में से हैं जिन्हें विदेश के फूलों के बजाए अपने हिंदुस्तान की मिट्टी की खुशबू ज्यादा अच्छी लगती है। अलबत्ता उन्होंने शेर पढ़ा, ‘इसी गली की खाक में हम खाक अपनी मिलाएंगे, न बुलाए आपके आए थे न निकाले आपके जाएंगे’।

ठहाकों के बीच भाजपा के वी. के. रूपाणी ने कहा कि उन्हें बार-बार सदन के बीचों बीच जाकर कार्यवाही ठप करने का अफसोस है लेकिन उनके जैसे जूनियर सदस्यों को सीनियर सदस्य आसन के सामने जाने को कहते हैं तो हमें जाना पड़ता है। यह सुनकर एक झेंपी हुई मीठी हंसी की गुदगुदी विपक्ष के नेता अरुण जेटली की काया को हिलाने लगी। जेटली ने कहा कि संसदीय कैलेंडर में कोई दिन अंतिम नहीं होता। संसद के दोनों सदन भारतीय लोकतंत्र की जीवनरेखा हैं।

राष्ट्रीय जनता दल के आर. प्रसाद ने अपने विदाई भाषण में कहा, ‘मुसाफिर हैं हम भी, मुसाफिर हो तुम भी फिर किसी मोड़ पर मुलाकात होगी’। राज्यसभा के उपसभापति के. रहमान खान भी विदाई के मौके पर शायरी का मोह नहीं छोड़ पाए। उन्होंने कहा कि जो सदस्य यहां से विदा ले रहे हैं वे दूसरी जगह जाकर अपना फर्ज निभाएंगे। उन्होंने शेर पढ़ा ‘जहां भी जाएगा, वो रोशनी लुटाएगा चिराग का कोई अपना घर नहीं होता’। प्रधानमंत्री ने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सदस्यों के लिए देश की एकता और अखंडता का मुद्दा सर्वोपरि रहता है। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का उल्लेख करते हुए अल्लामा इकबाल का मशहूर शेर पढ़ा ‘यूनान, मिस्र, रोम सब मिट गए जहां से, कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी’।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+