शताब्दी समारोह में दिखे सियासत के रंग

इस अवसर पर कुछ सियासी रंग भी देखने को मिले। बिहार विधान परिषद की अगले दो महीने में खाली दो दर्जन सीटों के संभावित दावेदार भी नीतीश कुमार को चेहरा दिखाने पहुंचे। विधान परिषद की विधानसभा कोटे की ग्यारह और मनोनयन की बारह सीटों के लिए कार्यकाल मई महीने में पूरा हो रहा है। इन रिक्त हो रही सीटों के लिए जनता दलयू के अधिकांश दावेदार कार्यक्रम में उपस्थिति थे। मुख्यमंत्री जैसे ही समारोह में पहुंचे इन लोगों में चेहरा दिखाने की होड़ मच गई।
जनता दलयू से विधान परिषद के लिए जो दावेदार यहां दिखाई पड़े उनमें चंदेश्वर चंद्रवंशी, लोकप्रकाश सिंह, राजकुमार सिंह, अनिल कुमार पाठक, छोटू सिंह, निरंजन कुशवाहा, अंजनी कुमार, प्रभात कुमार, बिट्टू सिंह, संजय कुमार, अंजनी सिंह, गोविंद कनौडिया और अता करीम प्रमुख थे। कुशवाहा ने तो दर्जनों होर्डिग भी लगवाए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार शताब्दी उत्सव में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले बीस बिहारियों को सम्मानित किया।
सम्मान हासिल करने वालों में सेबी के अध्यक्ष यूके सिन्हा, स्टार इंडिया के सीइओ उदय शंकर, पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन के टीएन ठाकुर, पूर्व विदेश सचिव श्याम शरण, भोजपुरी गायक मनोज तिवारी, फोर्टिस अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक सेठ, वरिष्ठ पत्रकार प्रेम शंकर झा, इतिहासकार डीएन झा, द टाइम्स ऑफ इंडिया के राजनीतिक संपादक दिवाकर अस्थाना, गर्वनेंस नाउ के संपादक अजय सिंह, क्रिकेटर सबा करीम, रंगकर्मी जयंत कस्तुआर, अधिवक्ता रंजीत कुमार, डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. कामेश्वर प्रसाद, डॉ. रंजीत राय चौधरी, डॉ. एके सिंह, खिलाड़ी हरेंद्र सिंह, कलाकार भारती दयाल और प्रो. सुबोध नारायण मालाकर के नाम शामिल हैं। मालाकार को छोड़ कर सभी सम्मान समारोह में मौजूद थे।












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