शेयर बाजार ही है इस बजट का दिल

इस बार बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई, लेकिन कुल मिलाकर यह बजट शेयर बाजार को ध्यान में रख कर ही तैयार किया गया था। सरकार को अपनी कंपनियों के शेयर बेचने हैं। विदेशी निवेश और खासकर अरब देशों को भारत में निवेश को ध्यान में रख कर ही सबकुछ ताना बाना बुना गया। 10 लाख तक की आय वाले लोगों के लिए राजीव गांधी इक्विटी योजना शुरू की जाएगी।
इस योजना के तहत शेयर बाजार में अधिकतम 50 हजार तक के निवेश पर 50 फीसदी की छूट मिलेगी। इस योजना का लॉकिंग पीरियड 3 साल होगा। यानी अगर 50 हजार निवेश करते हैं तो 25 हजार पर टैक्स छूट मिलेगी। इससे 10 पर्सेंट टैक्स देने वालों को 2.5 से लेकर 7 पर्सेंट का फायदा होगा। इस घोषणा से जाहिर है बड़ी संख्या में छोटे निवेशक बाजार से जुड़ेंगे। सही मायने में कहा जाए तो पहली बार आम निवेशक को बाजार से जोड़ने के लिए सरकार ने कोई ठोस कदम उठाया है।
इस कदम का शेयर बाजार पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा इसमें कोई संदेह नहीं है। इससे बाजार में जबरदस्त ठोस तेजी का आधार बना है। भारत में पांच फीसदी से भी कम लोग शेयर बाजार से जुड़े हैं। अगर 30 या 40 फीसदी लोग जुड़ जाएं तो कैपिटल मार्केट का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा। बजट में शेयरी की डिलेवरी पर ट्रांजक्शन टैक्स (एसटीटी) में छूट की घोषणा की है। यह भी बाजार के लिहाज से अच्छी खबर है। जाहिर है इससे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि डिलेवरी पर लगनेवाला टैक्स और कमीशन अभी भी बहुत ज्यादा है।












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