प्रणब ने मारी चोट तो सचिन ने लगाया मरहम

सुबह प्रणब मुखजी ने अपने आम बजट 2012 में महंगाई की ऐसी चोट मारी कि मोबाईल, फ्रिज, हवाई यात्रा, टीवी, वाशिंग मशीन, जिम, कंप्यूटर, लैंपटॉप, लग्जरी कारें, ब्यूटी पार्लर, शराब, सिंगरेट, तंबाकू, रेस्त्रा में खाना, मोबाइल बिल, होटल में ठहरना, ब्रांडेड कपड़े और सोना से लेकर कई चीजें महंगी हो गईं। हालांकि सस्ते हुए उत्पादों में होम लोन, कैंसर और एचआईबी की दवाईयां, चांदी के ब्रांडेड गहने, नमक, सीएफएल लैंप, माचिसए एलईडी और आयकर में छूट शामिल हैं।
प्रणब ने कहा कि उन्हें दयावान होने के लिए क्रूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि कल अखबारों की सुर्खियां मेरे खिलाफ होंगी, मुझे इसकी परवाह नहीं, लेकिन मेरे इस बजट से आने वाले 10 वर्षों में अच्छी सुर्खियां बनेंगी यह मेरा विश्वास है। प्रणब के बाद जले पर नमक छिड़कने का काम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया और बजट कहा कि अब बारी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने की है और यह सरकार की मजबूरी होगी। हालांकि अंत में पीएम साहब ने महंगाई कम होने का दावा किया।
महंगाई की मार से घायल जनता सुबह से ही करनाना शुरू हो गई थी, कि अचानक शाम को साढ़े चार बजे के आस-पास लोगों की नजरें टीवी स्क्रीन पर पड़ीं। देखा सचिन ने अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया। इस दोहरे शतक के साथ सचिन ने देश का नाम फक्र से ऊंचा कर दिया। भारतीयों को सबसे ज्यादा तो फक्र इस बात का हुआ कि आज तक न तो कोई 100 शतक बना पाया है और न ही जल्दी बना पायेगा। सही मायने में देखा जाये तो डॉन ब्रैडमैन अगर महान क्रिकेटर थे तो सचिन तेंदुलकर महानतम क्रिकेटर हैं। सचिन तुझे वनइंडिया का सलाम।
इस लिहाज से देखा जाये तो सचिन के दोहरे शतक के बाद सबसे ज्यादा राहत प्रणब मुखर्जी को मिली है, क्योंकि अब सारे मीडिया का ध्यान सिर्फ सचिन की तरफ मुड़ गया है और कल के अखबारों की हेडलाइन उन्हें गरियाने से ज्यादा सचिन तेंदुलकर की तारीफों के पुल बांध रही होंगी।












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