फिर राज्य सभा जाने की तैयारी में जया बच्चन

कयास यह लगाये जा रहे हैं कि सपा को इस चुनाव में फायदा मिल सकता है क्योंकि पार्टी की ओर से पहले भी राज्यसभा सदस्य रहीं जया बच्चन, पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री किरणमय नंदा, ब्रज भूषण तिवारी और नरेश अग्रवाल का नाम संभावित प्रत्याशियों में लिया जा रहा है। श्रीमती बच्चन को सपा ने पहले भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था लेकिन उनके मना करने के बाद मोहन ङ्क्षसह को राज्यसभा भेजा गया।
प्रदेश की कार्यवाहक मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती भी राज्यसभा जायेंगी और अब केन्द्र की राजनीति में अपनी भूमिका अदा करेंगी। राज्यसभा चुनाव के लिये नामांकन पत्र 19 मार्च तक दाखिल होंगे। नामांकन पत्रों की जांच अगले दिन होगी और 22 मार्च को नाम वापस लिये जायेंगे। उत्तर प्रदेश से दस सदस्यों का कार्यकाल आगामी दो अप्रैल को खत्म हो रहा है। विधानसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार सपा नेताओं ने नामांकन पत्र के सात सेट खरीदे हैं।
संभावना जतायी जा रही है कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही सपा के राज्यसभा के लिये नामांकन पत्र दाखिल होंगे। चूंकि राज्य में अब सपा की सरकार का गठन 15 मार्च को हो जायेगा लिहाजा राजनीतिक गतिविधियां भी कुछ कम हो जायेंगी। वहीं कयास यह भी है कि बसपा प्रमुख मायावती अपने करीबी अधिकारी रहे शशांक शेखर सिंह को भी राज्यसभा भेज सकती हैं। श्री सिंह राज्य केमंत्रिमंडलीय सचिव थे और बसपा की हार के साथ ही उन्होंनें भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।
राज्यसभा में बसपा के 18 सदस्य है लेकिन इनमें पांच सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। पार्टी मात्र दो सीट जीतने की स्थिति में है। सपा के राज्यसभा सदस्यों की सं या अभी पांच है जो बढ़कर दस हो जायेगी। बसपा आगामी अप्रैल में विधान परिषद के होने वाले चुनावों में भी अपने सदस्य खोयेगी। विधान परिषद की एक सौ सीटों की कुल सं या में बसपा के 65 सदस्य हैं। विधान परिषद की सदस्य सं या में यह किसी भी दल का रिकार्ड है।












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