सपा के बड़बोले नेताओं की जुबान पर लगा ताला

अखिलेश के इस बयान के साथ ही पार्टी के उन नेताओं की जुबान पर भी ताले लग गए जो हर मुददे पर बोल ही देते थे। अखिलेश यादव के इस बयान पर अंदरूनी तौर पर भले ही पार्टी के वरिष्ठ नेता नाराज हों लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कोई भी इस बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। ज्ञात हो कि पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां जैसे कुछ ऐसे नेता हैं जो बयानबाजी करते है अखिलेष का यह निर्देष शायद इन्हीं जैसे नेताओं के लिए है लेकिन अभी कोई इस बारे में कुछ कह नही रहा है।
अखिलेश यादव ने साफ किया कि राजेन्द्र चौधरी के अतिरिक्त कोई अन्य नेता पार्टी की ओर से किसी भी प्रकार का बयान देने के लिए अधिकृत नहीं है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले अखिलेष का सख्त रूख देखकर उन नेताओं को यह संदेश जरूर मिल गया होगा जो यह सोच रहे हैं कि अखिलेष के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी मनमानी चलती रहेगी।
कहा जा रहा है कि अखिलेष लोगों के बीच यह संदेष पहुंचाना चाहते हैं कि पार्टी पिछली बार की तरह कार्य नहीं करेगी और प्रदेष में एक साफ सुधरी छवि की सरकार बनेगी जहां कोई भी अपनी मनमानी नहीं कर सकेगा। अखिलेष के लिए ऐसा करना मजबूरी भी है क्योंकि सपा की छवि जनता के मन में एक ऐसी पार्टी की है जहां अपराधी खुलेआम अपराधों को अंजाम दे देते हैं ऐसे में जरूरी है कि अखिलेष स्वयं आगे आकर जनता को संदेष दें कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा।












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