अखिलेश यादव का सपना पूरा करेंगी ये लंबी कतारें
लखनऊ में लालबाग स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में बेरोजगारों की संख्या बढ़ने से विभाग की ओर से अतिरिक्त काउंटर भी खोले गए हैं। शुक्रवार को करीब पांच हजार बेरोजगारों के पहुंचने से कार्यालय परिसर भी छोटा पड़ गया। भीड़ को देखते हुए पुलिस को भी बुलाना पड़ा। समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 35 वर्ष तक के बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा किया था।
जिन्हें नौकरी नहीं मिल सकेगी उन बेरोजगारों को एक हजार रुपये भत्ता दिया जाएगा। छह मार्च को आए चुनाव परिणाम के बाद से भत्ते की आस में बेरोजगारों की सेवायोजन कार्यालय में लगी भीड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को तो सुबह नौ बजे से ही बेरोजगारों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जो दोपहर होते-होते हजारों में तब्दील हो गई।
पंजीकरण के आवेदन के लिफाफे कम होने से बगैर लिफाफे के ही बेरोजगारों को आवेदन पत्र देना पड़ा। देर शाम तक बेरोजगारों की लंबी कतारें लगी रहीं। बेरोजगारी भत्ते की चाहत का आलम यह है कि कार्यालय में औसतन जहां 20 से 40 पंजीयन होते थे और एक महीने में यह संख्या एक हजार के करीब होती थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर कई गुना हो गई है। जनवरी में 1575 बेरोजगारों ने पंजीयन कराया था तो फरवरी में यह संख्या 7329 हो गई थी। सूत्रों ने बताया कि सहायक प्रदेश में 21 लाख पंजीकृत हो चुके हैं। आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की संभावना है।













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