ऑटो चालकों की हड़ताल से परेशान हुआ आम आदमी

ऐसा पता चलने पर यूनियन के सदस्यों ने इन ऑटो रिक्शा को पकड़ा और वहीं ऑटो के पहियों की हवा निकाल सवारियों को बाहर निकाल दिया। जब ये सवारियां दूसरे सवारी वाहनों में बैठी तो अपनी हड़ताल को कामयाब करने के लिए यूनियन के ये सदस्य उस वाहन के आगे खड़ा हो गए और सवारियों को जबरदस्ती वाहन से उतार कर खाली करके भेजा। दोपहर बाद हरियाणा ऑटो रिक्शा चालक यूनियन के बैनर तले ऑटो रिक्शा चालक इकठ्ठे होकर अपनी मांगों का ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा। उपायुक्त ने उनकी मांगों को सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया है।
यूनियन के प्रदेश महासचिव दीपक सेहरा ने बताया कि शहर में आम दिनों में करीब 6 हजार सवारी ऑटो रिक्शा और 2000 के करीब स्कूली बच्चों के ऑटो रिक्शा चलते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से कुछ दिन पहले उन्हें अपने ऑटो रिक्शा की पासिंग के लिए उसमें स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य कर दिया था। इस बात को लेकर सभी ऑटो वालों में भारी विरोध था और उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन जिला उपायुक्त, अतिरिक्त जिला उपायुक्त को दिया था। उनकी मांग पर करीब दो महीने से कोई ध्यान नहीं देने पर उन्होंने आज के दिन जिले भर में हड़ताल का आह्वान किया था।
प्रशासन ने उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया, बल्कि आए दिन उनके ऑटो के चालान काटे जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो भविष्य में वे अपने आंदोलन को तेज करेंगे। हड़ताल के चलते अधिकांश स्कूलों के बच्चों को लाने वाले ऑटो भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते आज बच्चों के पेरेन्ट्स को अपने बच्चों को स्कूल छोडऩे व स्कूल से घर लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते आज रिक्शा चालकों ने भी लोगों से मजबूरी का फायदा उठाते हुए आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा किराया वसूला।












Click it and Unblock the Notifications