अनशन से जाट आरक्षण दिलाएंगे हरियाणवी अन्ना हजारे

गांव कनौह के 78 वर्षीय चंदाराम अन्ना हजारे से 4 साल बड़े हैं। अनोखे शख्स के रूप में पहचान बना चुके चंदराम एक बार जिद पकड़ लें तो पीछे नहीं हटते। पंद्रह साल पहले की बात है। बारिश नहीं हो रही। खेत सूखने लगे थे। चंदाराम ने जिद पकड़ ली। जब तक बारिश नहीं होगी, न कुछ खाएंगे और न कुछ पिएंगे। दस दिन तक भूखे प्यासे बैठे रहे। फिर बारिश हुई तो अपना अनशन तोड़ा।
इस बार चंदा राम ने जाटों के लिए आरक्षण लेने की जिद पकड़ी है। वे इतने बुजुर्ग हो चुके हैं कि ठीक से सुन भी नहीं पाते। इसके बावजूद हौंसले बुलंद है। उनका कहना है कि आरक्षण लेकर रहेंगे। वे इस मामले में मरते दम तक संघर्ष करेंगे।
आंदोलन खत्म होने के आसार, 22 मार्च तक का टाइम
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा को को जाट संघर्ष समिति ने 22 मार्च तक का समय दिया है अगर तब तक जाटों को आरक्षण नहीं मिलता है तो वे 23 मार्च से दिल्ली के जंत्रमंत्र पर देशव्यापी आंदोलन करेंगे और इसी दिन जेल भरो आंदोलन पर भी विचार किया जा सकता है। अगर मांग मान ली जाती है तो यह रैली धन्यवाद रैली में बदल जाएगी। वहीं हुडडा ने भी हरियाणा जाट आरक्षण संघर्ष समिति से आहवान किया है कि वे प्रदेश में शान्ति बनाए रखने में सहयोग दें और उनकी मांग पर केन्द्र व राज्य सरकार स्तर पर न्याय दिलावाने के प्रयास किये जाएंगे।
अब सांझा मोर्चा के बैनर तले चलेगा जाट आंदोलन
जींद। शनिवार रात को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व आरक्षण की मांग कर रहे जाट आंदोलनकारियों के बीच वार्ता सिरे न चढऩे से आंदोलनकारियों में रोष देखा जा रहा है। अब जाटों ने आंदोलन की धार तेज करने का ऐलान किया है। इसके तहत सोमवार को जींद की जाट धर्मशाला में प्रदेश भर की जाट खापों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में आंदोलन की भावी रणनीति तय की जाएगी। रामायण व माइयड़ गांव के बीच रेलवे ट्रैक पर बैठे जाट समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के साथ गत दिवस वार्ता विफल होने तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा आंदोलन को लेकर ठीक नहीं है। सरकार उनके आंदोलन को दबाना चाहती है, लेकिन अब वो अपनी मांगों के पूरा होने के बाद ही आंदोलन को खत्म करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications